भारत हर बार दोस्ती की पहल करता है, अब पाक की बारी : कमर आगा
भारत-पाक ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को यह समझ लेना चाहिए कि अमन के बगैर तो तरक्की संभव है और ही दोस्ती, इसके जरिए ही आतंकवाद पर नकेल कसी जा सकती है। कमोबेश, भारत और पाकिस्तान के बीच जारी शांति प्रक्रिया में अब पाक को आगे आना होगा, क्योंकि गेंद उसके पाले में है। यह सुझाव शनिवार को कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित सेमिनार- ‘भारत-पाक के बीच रिश्ता और द्विपक्षीय बातचीत’ में दोनों मुल्कों के अमन के पैरोकारों ने दिए।
सेमिनार फोकलोर रिसर्च अकादमी, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसिएशन, माझा विरासत ट्रस्ट तथा हााशिम शाह पंजाबी फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। सेमिनार के मुख्य वक्ता रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा, पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को वहां की सेना का समर्थन हासिल है और उनका नेटवर्क इतना मजबूत है कि सरकार भी उनके आगे बेबस नजर आती है। उनका कहना है कि पहले जब शांति के लिए बातचीत होती थी उस वक्त आतंकी संगठनों की तरफ से भारत में ऐसा कुछ किया जाता रहा है, जिससे माहौल तुरंत बिगड़ जाता था। लेकिन अब बातचीत शुरू होने से पहले ही वह भारत विरोधी घटनाओं को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत हर बार कोशिश करता रहा है और अब पाकिस्तान की बारी है।
सेमिनार में डॉ. चरणजीत सिंह नाभा, डॉ. कुलदीप सिंह पटियाला ने भी संबोधित किया। स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता बाबू ने मेहमानों को यादगारी चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सुरजीत जज, राजिंदर सिंह रूबी, कुलदीप सिंह धालीवाल, गुरदेव सिंह महलांवाला, दिलबाग सिंह सरकारिया, रणजीव शर्मा, सुतीश झिंगन, गुरजिंदर सिंह बघियाड़ी, एस पुरुषोत्तम मौजूद थे।
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दोनों देश ट्रेड के लिए भारत-चीन मॉडल अपनएं
आगा ने दोनों मुल्कों के बीच ट्रेड बारे कहा कि इसमें भारत-चीन मॉडल को अपनाया जाना चाहिए, क्योंकि विवाद के बावजूद ट्रेड रिलेशन पर भी काम होता रहता है, यही कारण है कि टकराव के बावजूद चीन से 70 बिलियन डालर का ट्रेड होता है। फोकलोर रिसर्च अकादमी केे प्रधान रमेश यादव ने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच जब शांति प्रक्रिया शुरू हुई तो उसमें रुकावट डालने के लिए पठानकोट की घटना हुई। इससे पहले मुंबई पर 9/11 का आतंकी हमला भी ऐसी ही घटना रही है। बावजूद इसके शांति अमन के लिए सेमिनार किए जाते रहे हैं।
पाकिस्तान के मानवाधिकार कारकुन आईए रहमान ने कहा, दोनों मुल्कों के लोग शांति और दोस्ती चाहते हैं और विवाद घटनाएं उनको निराश करती हैं। हिंद-पाक दोस्ती मंच के जरनल सेक्रेटरी सतनाम माणक ने कहा, पाक संगठनों की हरकतों से शांति प्रक्रिया में रुकावट पैदा होती है। कश्मीर मसले को दोनों ही सरकारों को मिल कर हल करना चाहिए।
‘भारत-पाक में रिश्ता द्विपक्षीय बातचीत’ सैमीनार में दोनों मुल्कों के अमन के पैरोकारों ने विचार सांझा किए
कमर आगा ने कहा, ट्रेड के लिए दोनों मुल्कों के बीच भारत-चीन मॉडल अपनाया जाना चाहिए क्योंकि विवाद के बावजूद ट्रेड होता रहता है।