आनंद मार्ग प्रचारक संघ ने नीलकंठ दिवस मनाया
पटियाला। आनंदमार्ग प्रचारक संघ के शहरी यूनिट ने जूझार नगर में नीलकंठ दिवस मनाया। संघ मेंबरों ने बताया कि यह दिवस आनंद मार्ग के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन आनंद मार्ग के संचालक आनंदमूर्ति को उस समय की सरकार ने बाकीपुर सेंट्रल जेल पटना में किसी साजिश तहत इंजेक्शन के लिए जहर दिया था। जिसे उन्होंने नीलकंठ की तरह अपने शरीर में जज्ब कर लिया था। इस संबंधी आनंदमूर्ति ने प्रशासन के खिलाफ जांच की मांग की। पर प्रशासन ने उनकी मांग को अनदेखा कर दिया और उनके विरुद्ध 1 अप्रेल 1973 से 2 अगस्त 1978 तक व्रत रखा। जो कि संसार में एक अलग मिसाल है। उन्होंने इस दिन की बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर नीलकंठ दिवस के रूप में मनाने का संदेश दिया। जिसके तहत आनंद मार्ग के शहरी यूनिट ने कीर्तन, साधना के साथ साथ कुष्ट आश्रम में नारायण सेवा की। संघ द्वारा गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए चैरिटेबल के आधार पर दो स्कूल, दो होम्योपैथिक डिस्पेंसरी, बेसहारा बच्चों के लिए चिल्डर्न होम योग आसन और साधना सेंटर चलाए जा रहे हैं।