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बलदेव नारंग ने राग तुखारी में सुनाया विलंबित ख्याल
रागतुखारीमें विलंबित ख्याल अरज सुनो महाराज और राग जैजावंती में तेरी जै पंजाबी माता की सुरीली पेशकारी देकर गायक बलदेव नारंग ने पंजाबी यूनिवर्सिटी में 7वें भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन में समा बांधा। इसके बाद राग बसंत में गेंदा गुलाब, कामनी, गुल मेहंदी गुलनार, राग बहार में सदा बहार देईं इस बागे कदी खिजां आवे आदि पंजाबी बंदिशें भी सुनवाई। प्रोग्राम के आखिर में उन्होंने सिंध भैरवी में मेरी खुल गई पट्टक देणी अक्ख वे गली दे विच्चों कौण लंघिया गीत सुनाकर प्रोग्राम को शिखर पर पहुंचाया।
गुरमति संगीत महकमे द्वारा करवाए जा रहे सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को प्रोग्राम की शुरूआत पंजाब घराने के तबला वादक उस्ताद कुलविंदर सिंह के स्टूडेंट्स पवित्र सिंह तबले पर और गुलशन कुमार ने ढोल पर जुगलबंदी से वाहवाही लूटी। गुलशन कुमार ने तबले की सोलो वादन की तालों को ढोल पर हुबहू बजाया। इसके बाद महकमे के हरप्रीत सिंह ने तीन काल में तबले वादन की सोलो पेशकारी दी। तौशीन ने संतूर पर साउथ एशियन राग धरमावती की पेशकारी दी।
मौके पर डॉ. गुरनाम सिंह ने कहा कि पंजाब की शास्त्रीय संगीत परंपरा की सुरक्षा, संभाल और विकास के लिए गुरमति संगीत चेयर द्वारा भाई मरदाना जी की याद में 2008 से ये संगीत सम्मेलन करवाया जा रहा है ताकि पंजाब के कलाकारों को एक मंच प्रदान किया जा सके।
इस मौके पर संगीत प्रेमियों में डॉ. कंवलजीत सिंह, डॉ. नवजोत कौर कसेल, डॉ. निवेदिता सिंह, डॉ. वरिंदर कौर, डॉ. अलंकार सिंह, प्रो. कुलवंत ग्रेवाल, मुजतबा हुसैन, अरुण कुमार झा, जतिंदर सिंह मट्टू और अन्य मौजूद रहे।
पीयू में भाई मरदाना संगीत सम्मेलन के दौरान पेशकारी देते कलाकार।