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पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की सेहत बिगड़ी
मांगोंकेलिए पिछले 15 दिन से मरणव्रत पर बैठे पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन के सदस्य की हालत बिगड़ गई है। पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन आजाद के महासचिव रूपिंदर सिंह रौंगला ने बताया कि मरणव्रत पर बैठे कर्मचारी का 15 दिन में करीब 10 किलो भार कम हो गया है।
सेहत महकमा या पीआरटीसी मैनेजमेंट ने अभी तक उसका चेकअप कराया है और ही कोई सुध ली है। नाराज कॉन्ट्रैक्ट वर्करों ने सोमवार को शहर में रोष मार्च निकाला। मुलाजिमों ने पीआरटीसी मैनेजमेंट पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। लेबर कमिश्नर को एक मांगपत्र सौंपा जिसमें मांग की गई कि पीआरटीसी में से निकाले गए कर्मचारियों को दोबारा बहाल करवाया जाए। यह रोष मार्च बस स्टैंड से होता हुआ शहर के प्रमुख बाजारों से निकला। बता दें कि अपनी मांगों को लेकर पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर 1 सितंबर से बस स्टैंड के पास राजेश पायलट पार्क में धरना देकर बैठे है। एक कर्मचारी 15 दिन से मरणव्रत पर बैठा है। मांग है कि नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए।
हमारे कर्मचारी ही नहीं तो बात क्यों करें?
मैनेजमेंटने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जब ये कर्मचारी उनके है ही नहीं तो बात करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। पटियाला डिपो जनरल मैनेजर प्रदीप सचदेवा ने कहा कि हम बात मरणव्रत पर बैठे कर्मचारियों से क्यों करें? हमने इन्हें ठेकेदार के जरिए रखा था, इसलिए हमारा सीधा राब्ता ठेकेदार से है।
पटियाला मेंसोमवार को बस स्टैंड के पास मरण व्रत पर बैठे पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर के समर्थन में नारेबाजी करते यूनियन के सदस्य।