पटियाला | ब्लड की कमी से बीते मंगलवार को मथुरा काॅलोनी की आरती की मौत के बाद माता कौशल्या अस्पताल मैनेजमेंट अब अस्पताल में ही ब्लड स्टोरेज करेगा। जिससे इमरजेंसी में मरीजों के अटेंडेंट्स को ब्लड के लिए राजिंदरा दूसरे प्राइवेट ब्लड बैंक जाना पड़े।
ब्लड राजिंदरा अस्पताल से हर ग्रुप के तीन से चार यूनिट ब्लड की यूनिट को लिया जाएगा। इसके लिए दो डीप फ्रीजर बनाए जाएंगे। उसे माता कौशल्या अस्पताल की लैब के अंदर बनाए ब्लड स्टोरेज रूम में स्टोर किया जाएगा। इससे सीरियस मरीज को तत्काल खून चढ़ाया जा सके।
अस्पताल में हर महीने आैसतन 400 डिलीवरी होती है। उनमें से 20 फीसदी में खून की कमी होती है। कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिनमें डिलीवरी के समय 4 से 7 ग्राम तक खून होता है। ऐसे हालातों में यदि डिलीवरी आॅपरेशन से किया जाए तो मरीज को ब्लड चढ़ाना पड़ता है। ब्लड को राजिंदरा अस्पताल से मंगाया जाता है। इसके कारण अस्पताल मैनेजमेंट अब अस्पताल में ब्लड की व्यवस्था करने जा रहा है।
दो साल पहले बंद की थी ब्लड स्टोरेज की व्यवस्था : अस्पताल में पहले ब्लड स्टोरेज बनाया हुआ था। पिछले दो सालों से अस्पताल में नई बिल्डिंग बनाने के कारण उसे बंद कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल में ब्लड होने की सूरत में परेशानी शुरू हो गई। ब्लड की परेशानी को देखते अस्पताल प्रबंधन ने दो साल बाद एक बार फिर ब्लड स्टोरेज की योजना शुरू की है।
माता कौशल्या अस्पताल में लंबे समय से ब्लड बैंक की मांग चल रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी इक्यूपमेंट होने से यहां ब्लड बैंक नहीं बनाया गया। अस्पताल मैनेजमेंट ने कई बार अस्पताल में ब्लड बैंक स्थापित करने का प्रपोजल भेजा था। नेशनल प्रोग्राम के तहत अस्पताल में ब्लड बैंक बनाने की योजना है।
आज या कल से ब्लड स्टोरेज का काम शुरू: डाॅ. सोढी
अस्पतालकी आफिशिएटिंग मेडिकल सुपरिटेंडेंट डाॅ. हरमिंदर सिंह सोढी ने बताया कि ब्लड की समस्या को देखते हुए अस्पताल में ही ब्लड स्टोरेज बनाया जा रहा है। सोमवार या मंगलवार से मरीजों को ब्लड अस्पताल में ही मिलने लगेगा। राजिंदरा अस्पताल से अलग अलग ब्लड ग्रुप का ब्लड माता कौशल्या में स्टोर किया जाएगा, एमरजेंसी में मरीज को खून अस्पताल से ही जारी किया जाएगा।
लाइफ सेविंग के तौर पर ही मिलेगी अटेंडेंट को मदद
डाॅ.हरमिंदर सिंह सोढी ने बताया कि अस्पताल में ब्लड स्टोरेज की सुविधा केवल इसीलिए की जा रही है ताकि लाइफ सेविंग में यह काम सके। गरीब मरीजों को ब्लड फ्री भी चढ़ाया जा सकता है, यदि उसका रिश्तेदार चाहे तो राजिंदरा अस्पताल में जाकर ब्लड डोनेट भी कर सकता है। यहां पर ब्लड उपलब्ध करवाने का केवल एक ही उद्देश्य है, और वह एमरजेंसी में मरीजों की जान बचाना है।
- माता कौशल्या अस्पताल से इमरजेंसी कंडीशन में ब्लड के लिए मरीजों को जाना पड़ता था राजिंदरा अस्पताल या अन्य दूसरे ब्लड बैंक।
- माता कौशल्यामें ब्लड स्टोरेज के लिए लगाया फ्रिज अस्पताल की लैब। सुविधा शुरू होने से मरीजाें को राहत मिलेगी।