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मेरिट वेटिंग लिस्ट में सबसे ऊपर नाम, एडमिशन नहीं
सरकारीफिजिकलकॉलेज में एमपीएड कोर्स में दाखिला मिलने से एक और स्टूडेंट भूपिंदर सिंह के करियर पर बात गई है। कॉलेज के स्टूडेंट रहे भूपिंदर सिंह ने कॉलेज प्रशासन और पीयू पर धक्केशाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि दाखिला प्रक्रिया में उनके साथ धोखा हुआ है। इसमें उनके बाद पास होने वाले स्टूडेंट्स को मेरिट लिस्ट में शामिल करके एमपीएड में दाखिला दिया गया और उनका नाम वेटिंग लिस्ट में पहले नंबर पर नाम डाल दिया गया। उनके बाद दो स्टूडेंट्स को एडमिशन दे दी। गौरतलब है कि लेटरल एंट्री से कॉलेज में एक स्टूडेंट को एडमिशन मिली है।
हालांकि एडमिशन की आखिरी तारीख निकल जाने के बाद पीयू ने लेटरल एंट्री वाले स्टूडेंट्स का रिजल्ट का ऐलान किया था। इसमें से दो स्टूडेंट्स ने एडमिशन के लिए पांच दिन भूख हड़ताल की थी। इस पर फैसला लेते हुए पीयू प्रशासन ने कॉलेज में एक सीट का इजाफा किया और स्टूडेंट को एडमिशन दी। इस सारे मामले के दौरान भूपिंदर सिंह ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात की। उसे बताया गया कि पहले लड़कियों को एडमिशन मिला जाए तो उसकी भी एडमिशन करा दी जाएगी। इसे पीयू प्रशासन ने अभी तक पूरा नहीं किया। भूपिंदर ने बताया कि 18 जुलाई की मेरिट लिस्ट में उनकी योग्यताएं सभी शर्तें वो पूरी करते थे। वहीं दूसरी ओर एक अन्य स्टूडेंट भूपिंदर सिंह पुत्र मेला सिंह उस समय लेटरल एंट्री के पेपरों में पास भी नहीं था, उसका बनता रिजल्ट 25 जुलाई को यूनिवर्सिटी ने घोषित किया था। बावजूद इसके कॉलेज अथॉरिटी ने उसका नाम 18 जुलाई की मेरिट लिस्ट में डाल दिया। इसका फायदा उठाकर उसने फीस समय पर भरकर दाखिला ले लिया। इसके बाद लेटरल एंट्री की गर्ल स्टूडेंट को दाखिला दिया, जिसका नाम तक मेरिट लिस्ट में नहीं था। कॉलेज अथॉरिटी और यूनिवर्सिटी वीसी डाॅ. जसपाल सिंह से लिखित अपील की पर दोनों अथॉरिटीज ने कोई जवाब दिया। फेल हुए दोनों स्टूडेंट्स को पेपर पास करने का जल्दी मौका दिया गया और साथ ही एमपीएड के दाखिले में बीपीएड चार साला रेगुलर कोर्स पास स्टूडेंट की बजाए उन दोनों को पहल दी। इन सब बातों को देखते हुए कॉलेज अथॉरिटी को आरटीआई एक्ट के अधीन बनता जवाब मांगा है, जो करियर को ध्यान में रखते हुए तुरंत देना चाहिए।
व्यापार बचाओ संघर्ष कमेटी ने दिया समर्थन
भूपिंदरसिंह के मसले पर पटियाला व्यापार बचाओ संघर्ष कमेटी ने भी समर्थन किया