खुद ट्रांसपोर्ट अधिकारी तोड़ने में लगे कानून
बलविंदर सिंह कालड़ा। पटियाला
जबअफसर ही नियमों का उल्लंघन करने लगे तो आम जनता कैसे नियमों को पालन करेगी। डीटीओ डिपार्टमेंट के अधिकारी जिला के स्कूलों से ट्रांसपोर्ट नियम पूरे करवाने के लिए स्कूली बसों के चालान काट रहे हैं। दूसरी ओर अधिकारी खुद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उल्लंघन सरेआम कर रहे हैं। सरकारी गाड़ी इनोवा, जिसे डीटीओ और एडीटीओ दफ्तरी कामकाज के लिए प्रयोग करते हैं, सरेआम परदे लगे हुए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि नियम आम जनता के लिए है, अफसरों के लिए नहीं। हाईकोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर 28 नियम स्कूलों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नियम पता होने के बाद भी इनको उतारा नहीं गया। यह अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर अनदेखी। क्योंकि जब अफसर ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता कैसे नियमों का पालन करेगी।
दिल्ली निर्भया कांड के बाद जारी किए थे निर्देश
किसीभी गाड़ी के शीशे पर ब्लैक फिल्म और परदे नहीं लगे होने चाहिए। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली निर्भय कांड के बाद जारी किए थे। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों द्वारा विभिन्न वाहनों के, जिनके शीशे ब्लैक या फिर परदे लगे हुए थे, उनके चालान किए गए। पर यहां खुद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट अधिकारी नियमों को उल्लंघन कर रहे हैं।
सरकारी गाड़ी बदलकर आई है : एडीटीओ
^गाड़ीमें पर्दे लगे होने के मामले पर जब एडीटीओ कुलवंत राय गर्ग से बात की तो उन्होंने कहा कि यह गाड़ी कुछ दिन पहले बदलकर आई है। दफ्तरी काम में बिजी होने के कारण इन्हें उतरवा नहीं सके। जबकि कर्मचारी को यह उतारने के लिए कहा भी है। जल्द गाड़ी में लगे पर्दों को उतारा जाएगा।