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नाइट फ्लाइंग के बारे में इंस्ट्रक्टर को जानकारी देते चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मलकीत सिंह।

7 वर्ष पहले
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नाइट फ्लाइंग के बारे में इंस्ट्रक्टर को जानकारी देते चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मलकीत सिंह।

स्टूडेंट्स को फायदा होगा: ढिल्लों

लोकसभाहलका समाना, नाभा और शुतराणा इंचार्ज गुरतेज सिंह ढिल्लों ने फ्लाइंग क्लब में नाइट फ्लाइंग शुरू करने को लेकर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि वह प्रदेश और केंद्र लेबल पर पटियाला एविएशन का डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने की मांग कई बार उठा चुके हैं। यहां पर नाइट फ्लाइंग शुरू होने के बाद जहां स्टूडेंट्स को फायदा होगा वहीं जहाज भी आराम से उतर सकते हैं।

पटियाला एविएशन क्लब के चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मलकीत सिंह ने बताया कि लंबे समय से नाइट फ्लाइंग का प्रोसेस चल रहा था। डीजीसीए ने 20 सालों बाद नाइट फ्लाइंग के लिए मंजूरी दी है। वीरवार रात को नाइट फ्लाइंग करके इसकी शुरुआत की गई। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि स्टूडेंट्स को नाइट फ्लाइंग के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

काफी समय से मामला लटक रहा था: मलकीत

20 साल बाद नाइट फ्लाइंग को ग्रीन सिग्नल

भास्कर न्यूज | पटियाला

डायरेक्टरजनरलआॅफ सिविल एविएशन (डीजीसीएस) ने 20 साल बाद पटियाला एविएशन क्लब को नाइट फ्लाइंग के लिए ग्रीन सिग्नल दे दिया है। डीजीसीए की मंजूरी के बाद वीरवार रात से नाइट फ्लाइंग शुरू हो गई है। इससे पहले एविएशन क्लब नार्म्स पूरे नहीं कर रहा था, जिसके चलते डीजीसीए ने नाइट फ्लाइंग पर रोक लगा दी थी। कामर्शियल पायलेट लाइसेंस (सीपीएल) के लिए 10 घंटे नाइट फ्लाइंग जरूरी होती है। अब स्टूडेंट्स को नाइट फ्लाइंग के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

एविएशन क्लब में नाइट फ्लाइंग की सुविधा होने के चलते फ्लाइंग सीख रहे स्टूडेंट्स को चंडीगढ़, अमृतसर या फिर करनाल जाना पड़ता था। अमृतसर और चंडीगढ़ में बड़ा एयरपोर्ट होने बार बार जहाजों की लैंडिंग होने के चलते फ्लाइंग करने का कम ही मौका मिलता था। वहीं, करनाल जाने में चीफ इंस्ट्रक्टर (फ्लाइंग सिखाने वाला पायलेट) का शेड्यूल गड़बड़ाता था। क्योंकि फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर की एक दिन में 11 घंटे की ड्यूटी होती है। वह एक दिन में सिर्फ 11 घंटे की फ्लाइंग सिखा सकता है। करनाल अमृतसर जाने में उन्हें रात के समय होटलों में रुकना पड़ता था। ऐसे में उन्हें दूसरे दिन छुट्टी लेनी पड़ती थी। पटियाला एविएशन क्लब को नाइट फ्लाइंग की मंजूरी मिलने के बाद अब यहां के स्टूडेंट्स को फायदा तो होगा