मेरी अपील
वीरेंदर सूद, प्रधान मानव सेवा मंच
पटियाला। इससमय भागदौड़ वाली जिंदगी है। हर कोई जल्दी में रहता है। लोग जल्दबाजी वाली सोच को त्यागें आराम से गाड़ी से चलाएं। हमें यह सोच नहीं रखनी चाहिए कि दूसरा व्यक्ति की गलत ड्राइविंग हमें नुकसान पहुंचाएगी बल्कि यह सोचें कि हमारी गलत ड्राइविंग से किसी का नुकसान हो। गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन कार में म्यूूजिक का इस्तेमाल करें। घर से निकलते समय बच्चों के माता-पिता चेक करें कि उसने हेलमेट पहना है या नहीं। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को गाड़ी या दो पहिया वाहन चलाने दिया जाए। सड़क पर पहली बार ड्राइविंग करने से पहले परिवार के बड़े मेंबर उसे ट्रैफिक नियम के बारे में बताएं।