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दिल्ली के दंपति के बयान एसडीएम के पास दर्ज

7 वर्ष पहले
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नवजातकोबेचने की कोशिश के मामले में आरोपी दिल्ली के दंपति के बयान शनिवार को एसडीएम गुरपाल सिंह चहल ने दर्ज करवाए। उनके बयानों को एसडीएम ने सीक्रेट रखा है। इस मामले से जुड़े दूसरे लोगों की स्टेटमेंट अभी पेंडिंग है। स्कैंडल बड़ा होने के चलते पड़ताल सीक्रेट हो रही है और उसे सीक्रेट ही रखना है।

सितंबर में मामले के खुलासे के बाद एसएचओ ने दंपति को एसडीएम ऑफिस पेश करने के बाल कल्याण महकमे को दिए जवाब की पड़ताल साथ में शुरू कर दी है। इसकी वजह यह है कि अभी तक एसडीएम को दंपति को पेशकर बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पूरा करने के बारे में कोई भी सुराग या सबूत नहीं मिला है। एसडीएम चहल ने कहा कि दिल्ली के दंपत्ति के बयान लिए हैं। अभी वह जांच जारी होने के कारण इससे अधिक कुछ नहीं बता पाएंगे। एसएचअो के मामले के खुलासे के बाद इस दंपति को पेश करने का अभी रिकार्ड नहीं मिला है, जिसकी जांच चल रही है। सोमवार को फिर से पूरा रिकार्ड चेक करेंगे।

यहथा मामल: सितंबरमें नवजात को बेचने के मामले में अनाज मंडी थाने पर लापरवाही के आरोप लगे थे। वजह यह थी कि बाल कल्याण महकमे ने थाने से इस मामले में दिए जवाब के बारे में कहीं भी लिखित रिकार्ड नहीं मिला था। गवाह के बयानों के अनुसार पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। बाल कल्याण महकमा ने शक जाहिर करते हुए डीसी को रिपोर्ट सौंपी थी। डीसी ने एसडीएम को जांच का जिम्मा सौंपा था, जो अभी चल रही है।

नवजात बच्चे को बेचने की कोशिश का मामला

सितंबरमें खंडा वाला चौक के पास एक नवजात बच्चे को बेचने के लिए डील हुई थी। सूचना के बाद थाना अनाज मंडी पुलिस ने सादी वर्दी में ट्रैप लगाकर आरोपियों को पकड़ा था। पुलिस ने कहा था कि इन लोगों से पूछताछ के बाद जानकारी मिली कि चार बच्चों के कारण एक परिवार वित्तीय रूप से कमजोर था और यह परिवार दिल्ली निवासी एक निसंतान दंपति को बच्चे गोद दे रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि बच्चे का सौदा हो रहा है, बिचौलिया आश्रम की महिला थी। सभी लोगों को पकड़ने के बाद पुलिस ने कहा कि जरूरतमंद परिवार बच्चा निसंतान परिवार को गोद दे रहा था। जिस वजह से मामला नहीं बनता था।