दूध के 73 सैंपल: 27 फेल और 2 अनसेफ
त्योहारोंकेसीजन में मिलावटी दूध की सप्लाई तो आम बात है, लेकिन त्योहारों से पहले सप्लाई किए गए दूध की सप्लाई भी ठीक नहीं है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से लिए गए 73 सैंपलों का जब लेबोरेट्री में टेस्ट किया गया तो इनमें से 27 सैंपल फेल पाए गए। इनके अलावा 2 सैंपल पूरी तरह से अनसेफ हैं, जिसे पीने से जान का खतरा हो सकता था। महकमे की ओर से मिलावटी दूध बेचने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेहत और प्रशासनिक अफसरों के साथ मिनी सेक्रेटेरिएट में मीटिंग में एडीसी महिंद्रपाल ने बताया कि फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के तहत डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। वहीं दूध से प्रोडक्ट बनाने वालों की रजिस्ट्रेशन होने पर उन पर भी गैरकानूनी होने की कार्रवाई की जा सकती है।
एक्ट में दिए गए प्रावधानों के अनुसार 6 महीने की जेल 5 लाख रुपए का जुर्माना अथवा दोनों भी लगाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के मिलावटी दूध और डेयरी उत्पाद पर नियंत्रण करने के प्रयासों के तहत मीटिंग आयोजित की गई। प्रशासन की ओर से रेलवे स्टेशन पर जांच के अलावा रात में लगने वाले पुलिस के नाकों पर हेल्थ मुलाजिमों की तैनाती, पुलिस मुलाजिमों की सेवाएं लेने और अन्य राज्यों से त्योहारी सीजन में आने वाले मिलावटी दूध विशेष रूप से घटिया खोया के जिले में प्रवेश पर रोक लगाने अंतरराज्यीय सीमा पर आबकारी महकमे के बैरियर पर जांच की सेवाएं लेना तक शामिल किया गया है। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अफसर डाॅ. राजपाल सिंह ने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार जांच कर रहा है। जिले में यदि किसी को भी मिलावट संबंधी शिकायत करनी हो तो वह 0175 2211454 पर संपर्क कर सकता है। शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।