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इंडस्ट्रियलिस्ट्स बोले, गवर्नमेंट सेक्टर के कामों पर वैट कम हो

7 वर्ष पहले
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इंडस्ट्रियलिस्ट्सखुदको घाटे से उबारने के लिए अब सरकारी महकमे का काम लोकल इंडस्ट्री राज्य की इंडस्ट्री को सौंपने की मांग लेकर एक्साइज एंड टेक्सेशन डिपार्टमेंट (ईटीडी) के पास पहुंचे हैं। पटियाला इंडस्ट्री एसोसिएशन के मेंबरों ने डिपार्टमेंट को मांगपत्र सौंप कर इंडस्ट्री की समस्याओं के बारे में जानकारी दी है। मांगपत्र में राज्य के सभी सरकारी महकमों के काम लोकल राज्य के अन्य इंडस्ट्री को देने इस सरकारी काम पर वैट की दर कम करने की मांग की है।

एसोसिएशन का तर्क है कि वैट कम होने के कारण सरकारी महकमों का सारा काम बाहरी राज्यों को मिल जाता है, जिस वजह से लोकल इंडस्ट्री खाली रह जाती है। वैट, टैक्स के बोझ काम मिलने के कारण इंडस्ट्री की हालत दिन दिन बदतर होती जा रही है, जिसे बचाने के लिए यह काम उठाया है। एसोसिएशन प्रधान राकेश गोयल ने कहा कि एईटीसी ने पॉजीटिव रिस्पांस देते हुए इस मेमोरेंडम को कमिश्नर तक पहुंचाने की बात की है। पॉजीटिव रिस्पांस के चलते अब इंडस्ट्री एसोसिएशन के मेंबर कमिश्नर के साथ मीटिंग करने के बाद डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल को मांगपत्र सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

टैक्स के लिए समान दर हो, तभी तरक्की होगी

पीआईएके मेंबर एचपीएस लांबा ने कहा कि टैक्स वैट की दरों को नेशनल लेवल पर एक समान दर होनी चाहिए। पंजाब में कोल्ड ड्रिंक पर 24.75 फीसदी टैक्स है, जबकि हरियाणा अन्य राज्यों में आधी दर लागू है। टैक्स को लेकर समान दर लागू हो तो किसी भी सरकारी महकमे का आर्डर लोकल इंडस्ट्री को मिलेगा, जिससे तरक्की होगी।

इंडस्ट्री के साथ हर वर्ग को काम मिलेगा

इंडस्ट्रियलिस्ट्सकुलदीप पुरी ने कहा कि वैट कम कर सरकारी महकमे के काम लोकल इंडस्ट्री को मिलेगा तो हर वर्ग को ग्रोथ मिलेगी। लेबर से लेकर इंडस्ट्री और सरकार को रेवन्यू मिलेगा। आर्डर मिलने पर इंडस्ट्री लोकल लेवल पर खरीद करेगा तो इंडस्ट्री से जुड़े हर बिजनेस को लाभ मिलेगा। इससे सरकार को ही रेवन्यू बढ़ने का फायदा मिलेगा क्योंकि अभी तो सरकारी महकमे महज वैट बचाने के चक्कर में बाहरी राज्यों को काम देकर उन्हें ही मुनाफा पहुंचा रहे हैं।

प्रधान राकेश गोयल ने कहा कि पंजाब में वैट के अंतर के कारण कीमतों में इजाफा होता है। जिस वजह से सरकारी महकमे के कामों के टेंडर बाहरी राज्य की कंपनी हासिल कर लेती है। इससे लोकल इंडस्ट्री काम होने