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कॉरसपोंडेस कोर्सेज डिपार्टमेंट में मिसमैनेजमेंट से स्टूडेंट्स परेशान

6 वर्ष पहले
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पंजाबी यूनिवर्सिटीके पत्राचार महकमा (डिपार्टमेंट ऑफ कॉरसपोंडेंस कोर्सेज) में मिस मैनेजमेंट को लेकर स्टूडेंट्स काफी परेशान हैं। दूर दराज से इलाकों से आकर पर्सनल कॉन्टेक्ट प्रोग्राम लगा रहे अलग अलग कोर्सेज के स्टूडेंट्स को ठंड में बैठकर क्लास लगानी पड़ रही है। यहां अलग अलग क्लासेज में खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं तो स्टाफ सुबह टाइम पर क्लासरूम नहीं खोलता। काफी देर तक स्टूडेंट्स को बाहर खड़े इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में परेशान स्टूडेंट्स को इसी हालात में पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। नाम बताने की शर्त पर स्टूडेंट्स ने कहा कि डिपार्टमेंट स्टाफ स्टूडेंट्स को बहुत तंग कर रहा है।

इसमें बड़ी गिनती में गर्ल्स स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें सिर्फ थोड़ी सी जानकारी हासिल करनी होती है तो फोन पर बताया नहीं जाता। उन्हें कहा जाता है कि वे खुद डिपार्टमेंट आकर जानकारी लें। कुछ स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिन्होंने एडमिशन के टाइम पर ड्राफ्ट जमा करवाए थे। उन्हें कह दिया गया कि उनके ड्राफ्ट नहीं चलेंगे, वे खुद आकर कैश में फीस जमा करवाएं। इससे स्टूडेंट्स पहले दूर इलाकों से आकर कैश जमा करवाए, उससे पहले बैंक में जाकर ड्राफ्ट कैंसिल करवाए और फिर इंतजार करे कि ड्राफ्ट के पैसे उसे पता नहीं कब मिले।

गौरतलब है कि डिपार्टमेंट में नवंबर-दिसंबर से पीसीपी लगने शुरू हो जाते हैं। सीसी डिपार्टमेंट के क्लासरूम की हालात ही खराब है। क्लासरूम में खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। इतनी सर्दी में स्टूडेंट्स को वहीं बैठकर पढ़ना पड़ता है। बठिंडा, रामपुरा फूल, मानसा, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, टांडा उड़मुड़ जैसे दूर दराज के इलाकों से स्टूडेंट्स पढ़ने रहे हैं। पिछले महीने एमलिब के पीसीपी के दौरान स्टूडेंट्स ने टूटी खिड़कियों पर गत्ते लगाकर गुजारा किया। जिनका हाल अभी तक जस का तस है।

वहीं दूर इलाकों से स्टूडेंट्स फोन करते हैं कि उनके असाइनमेंट्स बाय पोस्ट मिल गए तो इस पर स्टाफ का जवाब होता है, खुद डिपार्टमेंट आकर पता कर लो। उन्हें बताया जाता है कि वे बठिंडा या लुधियाना से फोन कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कहा जाता है कि किराया खर्च के पहुंचो। इतनी सी जानकारी हासिल करने के लिए स्टूडेंट्स को परेशान किया जा रहा है।

क्लासरूम की टूटी हुई खिड़की। ठंड़ी हवा से बचने के लिए लगाया गत्ता।

परेशानी है, उसे दूर कर रहा हूं: हेड

^डिपार्टमेंटहेड डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हां खिड़कियां टूटी हुई हैं। और भी कई परेशानियां हैं, मुझे इन सबके बारे में पता चला है और उन्हें दूर भी कर रहा हूं। मुझे जॉइन किए अभी एक महीना ही हुआ है जबकि ये सब दिक्कतें तो पुराने हेड के टाइम से हैं। अब इन्हें दूर करने में मुझे थोड़ा टाइम तो लगेगा। खिड़कियां और इसी तरह की दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रपोजल बनाकर भेजा है। फंड मिलना भी एक बड़ी परेशानी है। जैसे ही फंड मिलेगा, टूट-फूट ठीक करवा दी जाएगी। क्लासरूम लेट खोले जाने की परेशानी तो एक ही दिन आई थी।