कैंसर के 40 फीसदी केस तंबाकू के कारण
तंबाकू कंट्रोलएक्ट 2003 को सख्ती से लागू करवाने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट में नोडल अफसरों के लिए दो दिवसीय वर्कशाप आयोजित की गई, जिसका उद्घाटन डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम ने किया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. एचएस बाली ने बताया कि देश में हर रोज 2200 के करीब मौत तंबाकू पदार्थों का सेवन करने से हो रही हैं, जोकि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कैंसर के कुल केसों में 40 फीसदी केस तंबाकू का सेवन करने वाले होते हैं। 90 फीसदी मुंह के कैंसर तंबाकू युक्त पान मसाला, गुटका, खैनी का इस्तेमाल करने से होता है। तंबाकू पदार्थों के सेवन से लोगों को कैंसर के अलावा अन्य गंभीर बीमारियां जिनमें दिल का रोग, फेफड़ों की बीमारी, सांस की तकलीफ, टीबी की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। जेनरेशन सेवियर एसोसिएशन की प्रधान अमतेश्वर कौर ने कहा कि स्मोकिंग करने वाले जहां अपने शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं वहीं उनके द्वारा छोड़ा गया धुंआ साथ खड़े व्यक्ति को भी बीमारी देता है। उन्होंने कहा कि एक्ट के सेक्शन 4 के तहत सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट, बीड़ी या किसी और तरीके से स्मोकिंग पर पाबंदी लगाई गई है एक्ट का उल्लंघन करने पर 200 रुपए जुर्माना लिया जा सकता है। सेक्शन 5 के तहत तंबाकू उत्पादों के किसी भी तरीके से विज्ञापन दिखाने वाले को 5 साल की कैद 5000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है।