\"यूरिन कम अधिक आने से हो सकता स्टोन\'
यूरिनरीसमस्यासे परेशान लोगों की सहायता के लिए कोलंबिया एशिया अस्पताल ने दो दिवसीय कैंप 10 11 दिसंबर को आयोजित किया गया। यूरोलॉजिस्ट डॉ. बीपी सिंह ने जहां मरीजों की निशुल्क जांच की वहीं मरीजों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यदि बार-बार पेशाब आता है, लीकेज होता है, पेशाब करने में तकलीफ होती है, पेट और पीठ में दर्द होता है, तो इसके लिए तुरंत यूरोलॉजिस्ट की सलाह लेनी चाहिए।
पेशाब करते समय दर्द, खांसने, छींकने अथवा हंसते समय लीकेज और पेशाब के साथ खून आना, रिटेंशन या किडनी में होने वाली पथरी जैसी समस्या आम हैं लेकिन लोग इन्हें नजरअंदाज करते रहते हैं। जबकि इन समस्याओं को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूरिन समस्याओं के लिए कई वजह जिम्मेदार हो सकती हैं। किडनी में होने वाली पथरी इसकी सबसे आम वजह है। अक्सर किडनी का स्टोन नीचे सरककर मरीज के युरेटर के पास जाता है जहां से पेशाब की थैली खाली होती है, यही वजह है कि किडनी के बाहर पेशाब का फ्लो प्रभावित होता है।
ऐसे में पेशाब करने में दर्द और तकलीफ होती है। खांसने, छींकने पर पेशाब लीक होना और अचानक ब्लेडर पर नियंत्रण खो जाना इससे जुड़ी आम समस्या है। कई बार यूरीनरी ट्रेक्ट की समस्या यूरीनरी ट्रेक्ट के संक्रमण का सीधा परिणाम हो सकती है। यूरीनरी अथवा किडनी से संबंधित समस्या की पहचान बेहद कम या ज्यादा पेशाब आना, पेशाब करने में तकलीफ, जलन महसूस होना और पेशाब में रक्त आना से हो सकती है। किडनी की पथरी, जो कि बेहद आम समस्या है और ब्लेडर कैंसर या प्रोस्टेट कैंसर होने पर बड़े स्तर पर इलाज की जरूरत पड़ सकती है।
कैंप के दौरान मरीजों को जानकारी देते डॉ. बीपी सिंह।