ऐतिहासिक इमारतों पर खर्च होंगे 40 करोड़
लंबेसमय से नजरंदाज हुई शाही शहर की ऐतिहासिक इमारतों को संवारने का काम सरकार ने शुरू कर दिया है। इस कड़ी में किला मुबारक, बहादुरगढ़ किला और ओल्ड डीसी ऑफिस की बिल्डिंग को संवारा जा रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल एंड टूरिज्म पंजाब द्वारा इस प्रोजेक्ट के तहत कई काम होने हैं और हर काम के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। गौरतलब है कि इन ऐतिहासिक इमारतों की जर्जर हालत को ठीक करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार के कल्चरल अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 80 करोड़ रुपए की ग्रांट प्रदेश सरकार को मंजूर की है। इसमें से करीब 40 से 45 करोड़ रुपए पटियाला की चार इमारतों पर खर्च किए जाने हैं। पंजाब टूरिज्म एंड कल्चरल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर नवजोत पाल सिंह रंधावा ने बताया कि पहले फेज में बहादुरगढ़ किला, ओल्ड डीसी ऑफिस और किला मुबारक में रेनोवेशन का काम शुरू हो चुका है। इन बिल्डिंग्स में टूट-फूट और बहुत ही खस्ता हाल वाले हिस्सों को ठीक किया जा रहा है। ओल्ड डीसी ऑफिस की आर्काइव वाले हिस्से को ठीक किया जा रहा है। इसे बहुत संभाल से करना है क्योंकि जो इन बिल्डिंग्स की ओरिजनल लुक है, वह वैसी ही बनी रहे। अगले प्रोजेक्ट में सिटी की दूसरी इमारतों पर काम होना है।
शुरू होगा शीश महल की रिपेयरिंग का काम
शीशमहल में फोटो गैलरी और म्यूजियम को ठीक करने और शुरू करने का काम कुछ सालों से बंद पड़ा था। इस ग्रांट से शीश महल का रुका हुआ रिपेयर का काम दोबारा शुरू होगा। वहीं जरूरत के हिसाब से कई और हिस्से भी ठीक किए जाने हैं। इस पर अभी तक करीब 7 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसके अलावा दोनों किलों पर भी 10 से 12 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। किला मुबारक में भी म्यूजियम, रंक महल और रणबासा को ठीक करने का काम होगा। जबकि बहादुरगढ़ किले की अपग्रेडेशन होगी। बिल्डिंग्स के अलग अलग भाग सलेक्ट हुए हैं। जहां जहां हालत काफी खराब है, वहां वहां रिपेयर होनी है। ओल्ड डीसी ऑफिस में डिपार्टमेंट के आर्काइव की हालत काफी खस्ता है। इसे ठीक करने के लिए काम शुरू हो चुका है।