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स्टाम्प पेपर 60 हजार के हों या 10 लाख रुपए के, बैंक कमीशन 10 रुपए ही लेगा
लोगोंको रजिस्ट्री के लिए स्टाम्प पेपर लेने के लिए सिर्फ एक ही बैंक में लाइन में लगकर अपने नंबर का वेट नहीं करना होगा। जिला प्रशासन ने स्टांपिंग स्कीम शुरू की है। प्रशासन ने शहर की तीन से चार बैंकों से संपर्क किया है। जो लोगों को स्टाम्प पेपर मुहैया कराएंगी। यह बैंक स्टाम्प पेपर पर अपनी कमिशन कम लेंगे। अब तक प्रशासन ने सिर्फ केनरा बैंक से स्टांपिंग की योजना शुरू की है। जबकि इसके पहले 500 रुपए तक कमीशन देना पड़ता है।
क्याहै स्टांपिंग
रजिस्ट्रीकराने के दस्तावेजों में स्टाम्प पेपर भी लगते हैं। अगर स्टाम्प पेपर 50 हजार के लगने थे तो व्यक्ति को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में पैसे भरकर स्टाम्प पेपर मिलता है। जो कि रजिस्ट्री करवाने वाले दस्तावेजों के साथ लगता था। स्टाम्प पेपर लेने के बाद ही प्रापर्टी की तहसील दफ्तर में रजिस्ट्री होती थी। दूसरी और यह स्टाम्प पेपर लेने के लिए लोगों को बैंक की लंबी लाइन में लगना पड़ता था। क्योंकि पहले स्टाम्प पेपर सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ही मिलते थे। कई बार ऐसा होता था कि संबंधित व्यक्ति को स्टाम्प पेपर लेट मिलने के कारण रजिस्ट्री नहीं करवा पाता था
500 रुपए तक देना पड़ता था कमीशन
जिलाप्रशासन ने जिन बैंकों के साथ स्टापिंग का काम शुरू किया है, यह बैंक लोगों को स्टाम्प पेपर के नाम पर अपनी कमिशन सिर्फ 10 रुपए ही लेंगे। इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अगर कोई व्यक्ति 50 हजार से ज्यादा के स्टाम्प पेपर लेता था तो उसे 100 रुपए बैंक की कमिशन देनी पड़ती थी। अगर एक लाख रुपए से ज्यादा के स्टाम्प पेपर है तो बैंक व्यक्ति से करीब 500 रुपए अपनी कमिशन वसूल करता था। पर अब जिला प्रशासन ने जिन बैंकों के साथ स्टांपिंग की योजना शुरू की है, यह बैंक चाहे स्टाम्प 60 हजार के हो या फिर 10 लाख रुपए के, अपनी कमिशन सिर्फ 10 रुपए ही लेंगे।
अगर कोड मैच होगा तो होगी रजिस्ट्री
^ईस्टापिंग की योजना के तहत बैंक के पास एक कोड होगा। वही कोड तहसील कर्मचारियों के पास होगा। कर्मजीत ने बताया कि जब कोई व्यक्ति रजिस्ट्री कराएगा तो सबसे पहले कोड मैच होगा। अगर कोड मैच नहीं हुआ तो रजिस्ट्री नहीं होगी। कर्मजीतसिंह, तहसीलदार।