(माता कौशल्या अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होने के चलते राजिंदरा में लगी भीड़)
पटियाला। माता कौशल्या अस्पताल में 16 सितंबर को महिला की मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन सेहत महकमे ने कोई सबक नहीं लिया। घटना के तीसरे दिन वीरवार को अस्पताल का अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहा। महिलाएं पहले इधर-उधर घूमती रहीं। कुछ व्यवस्था होने पर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए राजिंदरा अस्पताल जाना पड़ा।
अस्पताल में डेली 60 से 70 गर्भवती महिलाएं, सर्जरी मेडिसन के मरीज ऐसे होते हैं, जिनको डाॅक्टर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देता है। अस्पताल में पिछले चार सालों से यह समस्या चल रही है। महकमे ने इस अोर ध्यान नहीं दिया। अस्पताल में यदि डिलीवरी की बात करें तो यहां औसतन 500 डिलीवरी होती हैं। फिर भी अल्ट्रासाउंड की जरूरत महसूस नहीं की जा रही है।
इमरजेंसी में भी नहीं कोई है व्यवस्था: रात में यदि किसी महिला को इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड कराना हो तो अस्पताल प्रबंधन के पास कोई अल्टरनेट नहीं है। रात में प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर भी बंद रहते हैं। जिसके कारण उनको राजिंदरा अस्पताल आना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा होने से पहले भी कई मरीजों की जान जा चुकी है।
सुविधा होने पर मरीज परेशान: भजन कौर ने बताया कि उनको बहू का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए माता कौशल्या से राजिंदरा अस्पताल आना पड़ा। बड़े अस्पताल में सिर्फ अल्ट्रासाउंड की सुविधा होने पर महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
राजिंदरासे लें रेडियोलॉजिस्ट
चरनजीतकौर ने बताया कि मैटरनिटी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा लाजमी है। अफसोस है कि माता कौशल्या अस्पताल में समस्या लंबे समय से जस की तस है। जब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, तब तक राजिंदरा अस्पताल से मुलाजिम बुलाएं।
रेडियोलॉजिस्ट को ड्यूटी पर बुलाएं
''माता कौशल्या अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट को आदेश जारी किए हैं कि वह छुट्टी पर गई रेडियोलॉजिस्ट को ड्यूटी पर बुलाकर अल्ट्रासाउंड शुरू कराएं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी हो। सरकार रेडियोलॉजिस्ट की पोस्टिंग की कोशिश कर रही है। करनजीत सिंह, हेल्थडायरेक्टर।
अस्पताल मेरे अंडर नहीं आता है
''माता कौशल्या अस्पताल मेरे अंडर में नहीं आता हैं। जिले के सब डिवीजन हास्पिटल राजपुरा, नाभा समाना में भी एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। जो दो-दो दिन अलग अलग अस्पतालों में काम करता है। कोशिश है कि अस्पताल को जल्द नया रेडियोलॉजिस्ट मिल जाए। डाॅ.एचएस बाली, सिविल सर्जन।
मरीजों का होता है अल्ट्रासाउंड: पटियाला | माताकौशल्या अस्पताल में 16 सितंबर को मां-बेटे की मौत के बाद अब कारोबारियों ने माता कौशल्या और राजिंदरा अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती का बीड़ा उठाया है। शुक्रवार को पटियाला व्यापार बचाओ संघर्ष कमेटी का वफद एसडीएम गुरपाल चहल से मिला। उनको सेहतमंत्री डीसी के नाम मांगपत्र सौंपा।
राकेश गुप्ता के नेतृत्व में कारोबारियों ने सरकार से मांग की कि माता कौशल्या अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने वाले रेडियोलॉजिस्ट की स्थायी तैनाती हो। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट महीने में 20 से 25 दिन छुट्टी पर रहती है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाना पड़ता है। रेडियोलॉजिस्ट की रेगुलर तैनाती हो तो डेली अस्पताल आने वाले मरीजों को फायदा होगा। एसडीएम ने कारोबारियों को भरोसा दिया है कि वो इस मांगपत्र को डीसी के माध्यम से सरकार तक पहुंचा देंगे और इस मामले पर उचित कार्रवाई की जाएगी। यहां सतप्रकाश भारद्वाज, कुंदन गोगिया, नरेंद्र गोयल, राजिंदर भल्ला, प्रदीप गुप्ता, कृष्ण वर्मा, राजेश गुप्ता विपिन सिंगला मौजूद रहे।
- माता कौशल्या में रेडियोलॉजिस्ट की हो पक्की तैनाती ।
- पिछले चार साल से रही समस्या, रात में भी नहीं मिलती सुविधा ।
- मां-बेटे की मौत के बाद भी माता कौशल्या अस्पताल प्रबंधन नहीं ले रहा सबक।