पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अड़ियल रवैया छोड़, कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम शुरू करे

अड़ियल रवैया छोड़, कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम शुरू करे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंजाबीयूनिवर्सिटीमें टीचिंग स्टाफ के लिए कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम शुरू करने की डिमांड जोर पकड़ रही है। टीचरों का कहना है कि अथॉरिटी अड़ियल रवैया छोड़ अच्छे के लिए सोचे। चार साल से टीचर्स की इस डिमांड की अनदेखी के चलते उनमें पीयू प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी है।

टीचर्स के लिए फायदेमंद मानी जा रही स्कीम को शुरू करने में टीचर्स अफसरों का अड़ियल रवैया और आपसी खींचतान सामने रही है। यूनिवर्सिटी के डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने हाल ही सौंपे मेमोरंडम में टीचर्स के लिए इंश्योरेंस स्कीम शुरू करने की मांग की है। टीचर्स का तर्क है कि पंजाब सरकार ने इंप्लाइज के लिए स्कीम शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी मुलाजिमों को बीमारी पर आए खर्च के लिए मेडिकल री-इमबर्समेंट कराने में परेशानी होती है। टीचर्स के 2-3 साल तक के बिल पेंडिंग रहते हैं। टीचर्स ने ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम शुरू करने की मांग की थी जो पूरी नहीं हुई। कैशलेस इंश्योरेंस स्कीम के तहत यूनिवर्सिटी के सभी टीचर्स की ग्रुप इंश्योरेंस होगी। इसका प्रीमियम कम से कम होगा। संबंधित कंपनी इलाज का खर्च उठाएगी। एलआईसी या किसी दूसरी इंश्योरेंस कंपनी से एग्रीमेंट हो सकता है।

टेंडरपर अड़ती बात: डीटीएफकनवीनर डाॅ. जसविंदर सिंह बराड़ ने कहा कि चार सालों से इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की कोशिश हो रही है। वीसी डाॅ. जसपाल सिंह को लिखकर दिया है। वीसी के लौटने पर फिर ये मुद्दा उठाया जाएगा। यूनिवर्सिटी हर साल इंप्लाइज की इंफर्मेशन इकट्ठी करती है। उनसे फॉर्म भराए जाते हैं और डिपेंडेंट के बारे में पूछा जाता है। यूनिवर्सिटी को चाहिए कि वो इश्तिहार देकर कंपनी सलेक्ट करे। रिटायरमेंट के बाद टीचर्स दूसरे स्टेट चले जाते हैं, तो मेडिकल रि-इंबर्समेंट के लिए इतनी दूर कैसे आएं। स्कीम शुरू होती है तो वो जिस स्टेट में भी हो, इलाज करा सकते हैं।

लेट होने की वजह, बीमा कंपनी का चुनाव होना

^येस्कीम टीचर्स के फायदे के लिए है। इसलिए ये शुरू की जानी है और शुरू भी होगी। अभी इस पर प्रोसेस जारी है। लेट होने की वजह सिर्फ इंश्योरेंस कंपनी वालों से बात का किसी नतीजे पर पहुंचना है। स्कीम शुरू करने के लिए अलग अलग कंपनियों से बात हुई है। दो कंपनियां सलेक्ट हुईं। उनसे बातचीत का क्रम जारी है। किसी एक कंपनी से बात फाइनल होने के बाद ही स्कीम शुरू होगी। स्कीम पर काम डीन अकादमिक की