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पीयू में एसडीएम के कहने पर हुआ था लाठीचार्ज
पंजाबीयूनिवर्सिटीमें 20 नवंबर को स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज का आदेश एसडीएम गुरपाल सिंह चहल ने दिया था। यह दावा जमहूरी अधिकार सभा पंजाब (जेएएसपी ) की पटियाला यूनिट ने किया है। सभा की पांच मेंबरी कमेटी विधु शेखर भारद्वाज, तरसेम लाल, राजीव लोहटबद्दी, भगवंत कंगनवाल घनश्याम जोशी ने यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसके आधार पर सभा ने छह मांगे तैयार की हैं।
प्रधान प्रो. रंजीत सिंह घुम्मण सचिव विधु शेखर भारद्वाज ने कहा कि रिपोर्ट को तैयार करने के लिए डीएसपी जीएस धालीवाल, एसडीएम चहल, पीयू के प्रोवोस्ट डाॅ. निशान सिंह, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कुलबीर सिंह ढिल्लों से बातचीत की गई है। भारद्वाज ने कहा कि लाठीचार्ज के बारे में पहले एसडीएम मना कर गए थे। बाद में उन्होंने पुष्टि की थी। लड़कियों पर लाठीचार्ज की फोटोज वीडियो को कैमरा ट्रिक पुरानी फोटो होना बताया गया था। पूरी पड़ताल के बाद छह मांगे सरकार से की जा रही हैं।
लाठीचार्ज के आदेश मैने नहीं दिए: एसडीएम
एसडीएमगुरपाल सिंह चहल ने रिपोर्ट को नकारते हुए कहा कि उन्होंने लाठीचार्ज के कोई आदेश नहीं दिए थे। घटना के समय वह मौके पर मौजूद थे लेकिन ऐसा कोई आदेश नहीं दिया। सभा कुछ भी कहने लिखने के आजाद है, ऐसे वह कुछ भी कह सकते हैं।
विधु शेखर भारद्वाज सभा सेक्रेटरी।
सभा ने तैयार की 6 मांगें
{स्टूडेंट्सकी जायज मांगे पूरी हों।
{लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय जांच कराएं, पुलिस केस बिना शर्त खत्म करें।
{ कोठारी कमीशन की सिफारिशों के अनुसार शिक्षा कुल घरेलू खर्च का 6 फीसदी खर्च हो। राज्य सरकार अपने बजट में शैक्षिक संस्थान को वित्तीय साधन दे।
{ शिक्षा का निजीकरण बंद होना चाहिए।
{ सरकारी यूनिवर्सिटी में स्व निर्भर कोर्स के बजाय सरकारी सहायता प्राप्त कोर्स शुरू किए जाएं।
{यूनिवर्सिटी के अधिकारी बिना मंजूरी पुलिस की शैक्षिक संस्थान में एंट्री बंद करवाएं।