- Hindi News
- अस्पतालों की लापरवाही से मां अौर बच्चे की मौत
अस्पतालों की लापरवाही से मां अौर बच्चे की मौत
दोअस्पतालोंके बीच चक्कर लगाते-लगाते मां और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। इसमें माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय लोग में गुस्सा है। पटियाला व्यापार बचाओ संघर्ष कमेटी प्रधान राकेश गुप्ता कारोबारियों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने महिला के पति के बयान दर्ज कर लिए हैं। मथुरा कॉॅलोनी के जोखू राम की प|ी आरती (25) का 5 महीने से माता कौशल्या अस्पताल में इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह 8 बजे हालत खराब होने पर उसे अस्पताल लाए। डॉक्टरों ने उसे बिना चेक किए और बिना लिखे राजिंदरा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए भेज दिया। {शेष |पेज 8 पर
दोअस्पतालों....
बतायाकि अल्ट्रासाउंड वाला मुलाजिम छुट्टी पर है। राजिंदरा में आरती का यह कहकर अल्ट्रासाउंड नहीं किया गया क्योंकि माता कौशल्या अस्पताल से कोई लिखित ऑर्डर नहीं था। इस कारण जोखू प|ी को फिर माता कौशल्या अस्पताल लेकर पहुंचा। इसी भागदौड़ में आरती को लेबर पेन तेज हो गया। साढ़े दस बजे उसने अस्पताल में मरे बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरों ने जोखू को मरे बच्चे का संस्कार करने भेज दिया। जब जोखू लौटा तो आरती की भी मौत हो गई थी।
बच्चे की मां की हालत खराब थी। जब तक खून मंगाया। इतने में महिला की मौत हो गई। डॉक्टर को लिखित रेफर करना चाहिए था।\\\'\\\'
-डाॅ.रेणु अग्रवाल, एसएमओ,माता कौशल्या अस्पताल
आरती के पति जोखू राम ने बताया कि वो 14 सितंबर को प|ी को कौशल्या अस्पताल लाया। डेढ़ घंटे वेट के बाद बिना चेकअप लौटा िदया। मंगलवार को जब वह अस्पताल पहुंचा तो डाॅ. गुरमन ने अल्ट्रासाऊंड के िलए राजिंदरा अस्पताल भेज िदया। राजिंदरा में बहुत देर बाद नंबर आया। तो डॉक्टर ने लिखित पर्ची लाने को कहा। फिर माता कौशल्या अस्पताल पहुंचा। इतने में आरती की तबीयत बिगड़ गई। जोखू ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते सही इलाज होता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।