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पूर्व मंत्री लंगाह की 200 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी जब्त

6 वर्ष पहले
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आयसे अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट ने पूर्व कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह के खिलाफ 13 साल बाद फैसला सुनाया। एडिश्नल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज दिलबाग सिंह जोहल ने लंगाह की उस समय पकड़ी गई 12 करोड़ 17 लाख 66 हजार की चल-अचल प्रॉपर्टी भी जब्त कर ली। इसमे ज्यादातर प्रॉपर्टी बेनाती थी। जानकारी के मुताबिक सुच्चा सिंह ने सभी नाजायज प्रॉपर्टी खुद प|ी बेटे,बेटियों के नाम कर रखी थी। कीमत 2000 में 12 करोड़ 17 लाख 66 हजार रुपए थी। इस समय इसकी कीमत 200 करोड़ से भी ज्यादा बताई जा रही है।

बुधवार सुबह ही लंगाह के समर्थक पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में परिसर में घुस गए थे। कोई किसी वकील के चैंबर में बैठा हुआ था तो कोई किसी के। हालांकि करीब 100 पुलिस जवान तैनात थे। यहां तक सिविल वर्दी में भी जवान तैनात थे। लेकिन पुलिस को चकमा देने में समर्थक कामयाब हो गए थे।



मोहाली कोर्ट परिसर में करीब 100 पुलिस वाले तैनात थे।

एक करोड़ की काउंटिंग के बाद लंगाह ने जज के रूम से बाहर आना था। इसी बीच समर्थक गए। आगे आगे पुलिस और बीच में समर्थकों ने लंगाह को छुपाया हुआ था। ताकि कोई मीडियाकर्मी फोटाे खिंच सके। यहां तक समर्थकों ने कुछ मीडियाकर्मियों के कमरे तक छीन लिए।





पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

कोर्ट ने इस मामले में फंसे अन्य 9 आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें चंडीगढ़ के सुदर्शन लाल कौड़ा, लुधियाना के परदीप भटेजा, सुभाष चंद्र, विनोद कुमार, गुरदासपुर के जसवीर सिंह, बिक्रमजीत सिंह, संर्पूण सिंह, गुरदासपुर निवासी सुभाष चंद्र चंडीगढ़ निवासी शेर सिंह उर्फ शेरा शामिल हंै।



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कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के समय पंजाब विजिलैंस ब्यूरो की टीम ने मई-2002 में बादल सरकार के पीडबल्यूडी मिनिस्टर सुच्चा सिंह लंगाह को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में विजिलैंस ने मोहाली निवासी अमरीक सिंह मोहाली समेत अन्य नौ आरोपियों को भी गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था। इस मामले से बचते हुए सुच्चा सिंह लंगाह कुछ दिनों तक फरार भी रहे थे, जिन्हें विजिलैंस की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। पंजाब विजिलैंस ब्यूरो की टीम ने मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह अारोपियों के खिलाफ 16 मई 2002 को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 120बी और प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(1)(ए)(सी)(डी)(ई) 13(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।

जुर्माना भरने के आदेश के बाद लंगाह अपने वकील के साथ पैसों के इंतजाम के लिए बात करने लगे। तभी जज ने लंगाह को बोला, जुर्माना व्हाइट मनी होनी चाहिए। जानकारी के मुताबिक मोहाली के ही एक नामी बिल्डर ने अपनी व्हाइट मनी से लंगाह की मदद की। कोर्ट में एक करोड़ की रकम पहंुची तो फेज-7 के स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से दो नोट काउंटिंग मशीनंे आई और करीब पौने घंटे तक कोर्ट रूम में पैसों की काउंंटिंग हुई।

कोर्ट ने सुच्चा सिंह लंगाह अमरीक मोहाली को सुबह 11 बजे ही सजा सुना दी थी। जब लंगाह को जुर्माना सुनाया गया तो उनके होश उड़ गए और कोर्ट के बाहर उनके समर्थकों में अफरा-तफरी मच गई। जज ने लंगाह को साफ अक्षरों में बोला कि जब तक 1 करोड़ रुपए का जुर्माना कोर्ट में जमा नहीं होता, तब तक वह पुलिस कस्टडी में ही रहेंगे। शाम करीब 3.30 बजे तक सुच्चा सिंह लंगाह कोर्ट रूम में पुलिस कस्टडी में ही बैठे रहे।



मीडिया कर्मी फोटो खींच सके। कोर्ट के बाहर आने पर समर्थकों ने लंगाह को छुपा लिया।