पहले चरण में अजमेर और ब्यावर अव्वल
खनिजविभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति के पहले चरण में अजमेर और ब्यावर खनि अभियंता (एमई) कार्यालय अव्वल रहे हैं। इसके विपरीत एएमई सावर तथा नागौर, मकराना और गोटन के एमई कार्यालय पिछड़ गए हैं। अधीक्षण खनि अभियंता (एसएमई) महेश माथुर ने चारों एमई से आय कम रहने पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।
एसएमई महेश माथुर ने अजमेर वृत्त की चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक की रिपोर्ट खान एवं भू विज्ञान विभाग मुख्यालय भेजी है। विभाग ने इस बार वार्षिक आय लक्ष्य की शतप्रतिशत प्राप्ति के लिए आय को अलग-अलग चरणों के हिसाब से प्रतिशत वार बांट दिया है। अगस्त तक कुल लक्ष्य की 32 प्रतिशत आय का लक्ष्य सभी एमई कार्यालयों को आवंटित किया गया था। इसमें अजमेर और ब्यावर ही ऐसे एमई कार्यालय रहे, जिसने लक्ष्य पूरे किए। रिपोर्ट के मुताबिक एमई अजमेर गोरधन राम को चालू वित्त वर्ष में कुल 4128 लाख रुपए आय अर्जित करने के लक्ष्य दिए हैं। इनमें से 31 अगस्त तक 32 प्रतिशत यानी 1320.74 लाख रुपए की आय अर्जन का लक्ष्य दिया गया। इसमें 31.99 प्रतिशत आय एमई अजमेर प्राप्त कर चुका है। ब्यावर में यह लक्ष्य 31.81 फीसदी रहा है।
ये पिछड़े
नागौरने 32 प्रतिशत की तुलना में 31 अगस्त तक 27.37 फीसदी, मकराना ने 30.12, सावर सबसे पीछे रह कर 24.86 और गोटन 30.13 फीसदी रहा है।
येकी टिप्पणी
मामलेकी गंभीरता को देखते हुए एसएमई महेश माथुर ने टिप्पणी की है कि एएमई सावर, एमई नागौर का आय अर्जन प्रतिशत अत्यंत कम है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आय के लक्ष्य कम होने की स्थिति से अवगत कराने और सितंबर में 40 प्रतिशत विभागीय लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।