पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बार को हाईकोर्ट का बड़ा झटका

बार को हाईकोर्ट का बड़ा झटका

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर. दुकानें किराये पर देकर मोटी रकम कमाने के चक्कर में जिला बार एसोसिएशन की कार्रवाई उल्टी पड़ गई है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक अहम फैसला देते हुए कहा है कि सरकारी संपत्ति को किराये, लीज, लाइसेंस या अन्य किसी भी तरह अंतरित करने का बार एसोसिएशन को कोई अधिकार नहीं है।
जिला न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा ने फैसले की प्रति बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को भेजकर किराये पर दी जा रही दुकानों संपत्ति का ब्यौरा देने के साथ ही यह भी जानकारी मांगी है कि अब तक दुकानों को किराये पर देने से कितनी आय हुई है। डीजे ने खंडपीठ के आदेश के हवाले से बार को आदेश दिया है कि वे इस मामले में अब कोई हस्तक्षेप करें।

बार एसोसिएशन की ओर से दुकानों को किराये पर देने के लिए की जा रही नीलामी कार्रवाई पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। लेकिन इन सवालों पर बार ने चुप्पी साधे रखी और नीलामी का काम वकीलों की एक कमेटी को दे दिया। पुरानी आरपीएससी बिल्डिंग में बार प्वाइंट के नाम से बार एसोसिएशन ने एक दुकान राजीव पाराशर को 2003 से किराये पर दी हुई थी।
इसे जबरन खाली कराने की कोशिश की गई तो पाराशर ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी। पाराशर ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई कि नीलामी की आड़ में उससे जबरन दुकान खाली करवाई जा रही है। जबकि संभागीय आयुक्त ने बार एसोसिएशन को फोटो स्टेट अन्य कार्य के लिए यह जगह उपलब्ध कराई थी और बार ने एग्रीमेंट के तहत मासिक किराये पर दुकान दी हुई है।
बिना विधिक प्रक्रिया के उसे जबरन बेदखल नहीं किया जा सकता है। सिंगल बैंच से पाराशर की रिट खारिज हो गई तो उसने डिवीजन बैंच में स्पेशल अपील पेश की थी। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबुवानी और न्यायाधिपति जेके रांका की खंडपीठ ने 5 दिसंबर को स्पेशल अपील का निपटारा करते हुए अहम फैसला दिया।

बार को दुकानें किराये पर देने का अधिकार नहीं

> जिला न्यायालय परिसर एवं पुराने लोक सेवा आयोग भवन के परिसर, जहां कुछ न्यायालय संचालित होते हैं, वहां कितने ऐसे स्थान हैं, जिसे किराये पर देने का कार्य आवंटन के माध्यम से अथवा नीलामी के माध्यम से बार एसोसिएशन अजमेर द्वारा किया जाता है तथा यह कार्य कब से किया जा रहा है।

> कृपया प्रत्येक वर्ष में आवंटन की राशि से अथवा किराये की राशि से अथवा नीलामी की राशि से बार एसोसिएशन अजमेर को कितनी आय हुई है।