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उम्मीद 50 करोड़ की, मिले महज 5 करोड़

7 वर्ष पहले
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अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण का नीलामी अभियान से खजाना भरने का सपना साकार नहीं हो पाया। प्राधिकरण को भूखंडों से 50 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद थी, लेकिन पांच करोड़ रुपए ही अर्जित कर पाया।

एडीए ने पहली बार विभिन्न आवासीय योजनाओं में 75 भूखंडों की नीलामी रखी थी। इसमें 12 व्यावसायिक भूखंडों को भी नीलामी में शामिल किया गया था। 1 से 10 दिसंबर तक चले अभियान में 13-14 भूखंड ही बिक सके। शुरू में तो खरीदार नहीं आने से नीलामी स्थगित करनी पड़ी। भूखंड नहीं बिकने की मुख्य वजह रियल एस्टेट व्यवसाय का मंदी के दौर से गुजरना माना जा रहा है। इसकी वजह से बाजार में निवेशक नहीं है।
केवल वे ही लोग हैं जो भूखंड खरीदकर स्वयं का मकान बनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक नहीं है। इसके चलते एडीए ने पूर्व में भूखंडों की नीलामी के लिए अभियान चलाए थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए।

15 प्रतिशत राशि निगम को देनी होगी : एडीए को भले ही पांच करोड़ रुपए की आय हुई है, लेकिन इसमें से 15 प्रतिशत राशि उसे नगर निगम को देनी होगी। यह राशि 75 लाख रुपए होती है। मालूम हो कि नियमानुसार बेचे गए भूखंड की कुल राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा निगम को देना आवश्यक है।