पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • तकनीकी खामी : हर 60 सैकंड में जाम होता है ट्रैफिक

तकनीकी खामी : हर 60 सैकंड में जाम होता है ट्रैफिक

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर. यातायात की दृष्टि से शहर के सबसे व्यस्ततम क्षेत्र रेलवे स्टेशन के बाहर लगी ट्रैफिक लाइट में छोटी सी तकनीकी खामी ने ट्रैफिक पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है। स्टेशन के दोनों आेर की सड़कों पर यातायात का हाल-बेहाल है।

भास्कर ने ट्रैफिक व्यवस्था की पड़ताल की तो सामने आया कि स्टेशन के बाहर एक ट्रैफिक लाइट के दोनों 'ऐरो' एक ही आेर जाने को इंगित कर रहे हैं। ग्रीन लाइट होते ही वाहन चालक कन्फ्यूज हो जाते हैं आैर व्यवस्था बिगड़ जाती है। ऐसा हर 60 सैकंड में हो रहा है। ताज्जुब यहां है कि यह व्यवस्था पिछले डेढ़ माह से बनी हुई है।

हां, तकनीकी खामी से बढ़ी परेशानी

रेलवे स्टेशन ट्रैफिक प्वाइंट पर लगी लाइट में तकनीकी खामी है। इस कारण ग्रीन लाइट के दोनों ऐरो एक आेर इंगित कर रहे हैं। डेढ़ माह पूर्व हमने नगर निगम को लिखित में इससे अवगत करवा दिया था। निगम द्वारा जयपुर से इंजीनियर बुलवाकर इसे ठीक करवाया जाना है, इंजीनियर नहीं रहा इस कारण देरी हो रही है। ट्रैफिककर्मी हाथ के इशारे से रूल्ड आउट कर यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। -अदिति कांवट, सीआे, ट्रैफिक

आमने-सामने हो जाते हैं वाहन, ट्रैफिक कर्मी बना रह जाता है मूकदर्शक

क्लॉक टावर थाने के ठीक सामने ट्रैफिक लाइट पर लगे दोनों ऐरो गांधी भवन की आेर जाने का इशारा करते हैं, ऐसे में रेलवे स्टेशन की आेर मुड़ने के लिए खड़े वाहन गफलत में वहीं खड़े रहते हैं। यातायातकर्मी हाथ से इशारा कर उन्हें स्टेशन की आेर मुड़ने के लिए कहता है। तब तक दूसरी आेर का ट्रैफिक ग्रीन लाइट होते ही निकलना शुरू हाे जाता है, इससे स्टेशन की आेर मुड़ने वाले वाहन आैर स्टेशन से मार्टिंडल ब्रिज की आेर जाने वाले वाहन आमने-सामने हो जाते हैं।
ट्रैफिक बिगड़ता देख यातायातकर्मी दौड़कर वहां आता है आैर एक साइड के वाहनों को रोककर व्यवस्था को ठीक करता है। कई बार वाहनों की अधिक संख्या होने पर टैफिककर्मी सिवाय देखने के कुछ नहीं कर पाता।

14 घंटे में गुजरते हैं 45 हजार वाहन

ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी सुबह 8 से रात 9 बजे तक रहती है। करीब 14 घंटे की इस ड्यूटी के दौरान स्टेशन वाले प्वाइंट पर हर 60 सैकंड में रेड लाइट होती है। रेड लाइट में आैसतन 50 से 70 टू-व्हीलर आैर फोर-व्हीलर सहित अन्य वाहन ठहरते हैं।