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\"प्राणी मात्र के हृदय में बसते हैं भगवान\'

7 वर्ष पहले
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अजमेर | विश्वहिंदू परिषद अजयमेरू महानगर द्वारा विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत चल रही संगीतमय राम कथा के तीसरे दिन रविवार को कथा वाचक राष्ट्रीय संत दिव्य मुरारी बापू ने सती मोह एवं पार्वती जन्म का वर्णन करते हुए श्रद्धा एवं विश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला।

सर्वप्रथम भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर विश्वास के स्वरूप हैं, माता पार्वती श्रद्धा स्वरूप हैं। जब तक जीवन में श्रद्धा विश्वास नहीं होगा तब तक हृदय में विराजमान परमात्मा का अनुभव बड़े-बड़े योगियों को भी नहीं हो सकता। भगवान प्राणी मात्र के हृदय में निवास करते हैं, फिर भी लोग दुखी हैं। इसका कारण है हमें अनुभूति नहीं हो पाती। पूजा पाठ ध्यान ज्ञान सब उसी परमार्थ तत्व की अनुभूति के लिए हैं।

इसके बाद बापू ने सती मोह के महत्व पर प्रकाश डाला कि व्यक्ति के जीवन में अज्ञान होने की संभावना रहती है। अगर आप में श्रद्धा है तो आपके लिए हर जगह परमात्मा है। रामायण एवं संत की पूजा सुनील अग्रवाल एवं मोहन खंडेलवाल ने की। प्रसाद वितरण शरद गोयल एवं सूरज गोयल ने किया। इस अवसर पर महानगर मंत्री शशिप्रकाश इन्दौरिया, अध्यक्ष आनंद अरोड़ा, सर्वेश्वर अग्रवाल, सरदारमल जैन, अशोक मेघवाल, लेखराज सिंह, अलका गौड़, अभिलाषा, शक्ति जैन, अनुपम गोयल, राजेश जैन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

आजकी कथा 10 बजे से: सोमवारको कथा का समय सुबह 10 से 12.30 बजे तक रहेगा। आगे कथा नीयत समय अनुसार ही चलेगी।

आजाद पार्क में रामकथा के दौरान आरती करते श्रद्धालु।