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व्यवसायियों ने उठाया बीड़ा खुद लगाएंगे स्थायी डस्टबिन
गौरवपथ..। अजमेर का ऐसा मार्ग जहां रोजाना देशी-विदेशी पर्यटकों का बड़ी संख्या में आना जाना रहता है। विदेशी पर्यटकों की बड़ी पसंद पुष्कर जाने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल होता है। इस मुख्य मार्ग पर दोे स्थानों पर कचरे के कंटेनर रखे हैं। एक आनंद नगर बस स्टॉप पर और दूसरा क्रिश्चियनगंज पुलिस चौकी के ठीक सामने। कचरा उठाने की व्यवस्था वैसी ही है जैसी देश के अन्य हिस्सों में है। जाहिर है दिनभर मवेशियों, आवारा जानवरों को यहां मंडराते देखा जा सकता है। यह मार्ग अब तेजी से वाणिज्यिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र भी बनता जा रहा है। पूरे मार्ग पर कहीं भी डस्टबिन नहीं है।
भास्कर की मुहिम समाधान मिलजुलकर से जुड़ते हुए अब इस क्षेत्र के व्यवसायियों ने डस्टबिन लगाने का बीड़ा उठाया है। इनकी सबसे बड़ी समस्या स्थान को लेकर है। इसका समाधान नगर निगम के मेयर के साथ मिलकर किया जाएगा। मेयर कमल बाकोलिया एक-दो दिन में मौके पर जाएंगे और स्थानीय व्यवसायियों से चर्चा के बाद उनकी सहमति से डस्टबिन लगवाएंगे।
इस मार्ग के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो चुका है। मित्तल चेंबर्स के सामने से लेकर देवनारायण भगवान के मंदिर तक डिवाइडर का काम शुरू हो चुका है। पोल लगाए जाएंगे, आकर्षक लाइटें लगेंगी, सड़क के दोनों ओर सीमेंट के इंटरलॉक ब्लॉक भी लगेंगे। बाजार में कचरा सड़क पर फैले, इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया है और ही वर्तमान में कोई व्यवस्था ही है। ऐसे में सौंदर्यीकरण पर दोनों कचरा कंटेनर धब्बे का काम करेंगे।
भास्कर ने क्षेत्र के प्रमुख व्यवसायियों से इस बारे में चर्चा की तो कुछ व्यावहारिक परेशानियां सामने आईं। लेकिन इन सभी ने मिलजुलकर समाधान निकालने की भास्कर की मुहिम में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
दो संस्थान पहले ही आगे अा चुके हैं
1.अवंतिकागैसएजेंसी-पृथ्वीराज नगर, भगवान गंज यूआईटी कॉलोनी में जापान की तर्ज पर तीन तीन डस्टबिन लगवाएगी। इसमें एक में सूखा, दूसरे में गीला तथा तीसरे डस्टबिन में प्लास्टिक का कचरा डाला जाएगा।
2.लॉयंसक्लबअजमेर उमंग-सागर विहार कॉलोनी में डस्टबिन लगवाएगा।
आनंदनगर बस स्टॉप के समीप कंटेनर की वजह से सड़क पर फैला कचरा।
सहमति से बदलेंगे कचरा डिपो की जगह
^दोनोंकचरा डिपो के स्थान परिवर्तन को लेकर स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों से वार्ता की जाएगी। जगह ऐसी होनी चाहिए, जहां से कंटेनर आसानी से उठाए जा सकें। मैं जल्दी ही व्यापारियों से वार्ता करने जाऊंगा। उनकी सहमति से डस्टबिन लगाने का काम कराऊंगा, ताकि गौरव पथ पर नाम के अनुरूप लोगों को गौरव महसूस हो।
-कमलबाकोलिया, मेयर,नगर निगम
सिविकसेंस डेवलप करना जरूरी
^मैंनेपूर्व में डस्टबिन लगवाए थे। लोग उखाड़कर ले गए। सिविक सेंस डेवलप किया जाना जरूरी है। हम भास्कर की पहल से जुड़ेंगे। जल्दी ही इस मार्ग के व्यापारियों से चर्चा की कर डस्टबिन लगवाएंगे। स्थान को लेकर सर्वसम्मति बनाएंगे।
-विमलगर्ग, राजस्थाननमकीन के मालिक
गौरवपथसे हटे कंटेनर
^नगरनिगम ने डोर टू डोर कचरा परिवहन का ठेका मेसर्स लक्ष्मीनारायण कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे दिया है। लिहाजा अब यहां कंटेनर की जरूरत नहीं है। इसे यहां से हटाया जाना चाहिए। गौरव पथ एक प्रमुख मार्ग है। इसे उसी हिसाब से सुंदर बनाने की जरूरत है। नालियां तक कच्ची पड़ी हैं।
-डॉ.केपी गुप्ता, महासचिव,आनंदनगर विकास सहयोग समिति
गौरव पथ पर आनंद नगर बसा हुआ है। 36 साल पहले इसकी नींव रखी गई थी। बस स्टॉप की हालत खराब थी। क्षेत्रवासियों ने हाल ही में अपने खर्चे पर इसको जीर्णोद्धार कराया है। नया बोर्ड भी बनवाया है। नागरिकों की परेशानी यह है कि बस स्टॉप के पास ही कचरा डिपो है। कचरा समय पर नहीं उठता, लिहाजा बस स्टॉप तक गंदगी फैली रहती है। बदबू के कारण बसें दूर रुकती हैं, बुजुर्ग यात्री बस स्टॉप पर नहीं बैठ पाते।
1. स्थानका चयन व्यवसायी और नगर निगम के मेयर कमल बाकोलिया आपस में चर्चा के बाद मौके पर सर्व सम्मति से तय करेंगे।
2.चूंकिडाेर टू डोर कचरा उठाने की व्यवस्था तेजी से लागू की जा रही है, इसीलिए यहां लगाए जाने वाले डस्टबिनों से नियमित कचरा उठने लगेगा।
3.लोहेके मजबूत और जमीन में गहरे गड्ढे कर सीमेंट कंक्रीट लगाकर पिलर्स गाड़े जाएंगे, ताकि आसानी से उखड़े नहीं। गाड़ने का काम नगर निगम अपने स्तर पर कर देगा। व्यवसायी चाहें तो स्वयं भी कर सकते हैं।
1. डस्टबिनकिस जगह लगाएं, इसे लेकर हमेशा विवाद रहता है।
2.डस्टबिनलगने पर कचरा उठाने की व्यवस्था नियमित कायम नहीं रहती।
3.चोरडस्टबिन उखाड़कर ले जाते हैं।मवेशियों का जमावड़ा रहता है।