अजमेर। जिला परिषद में रविवार को उप जिला प्रमुख के लिए हुए चुनाव में भाजपा के टीकम चंद चौधरी निर्वाचित हुए। उन्होंने कांग्रेस की संजू चौधरी को 14 मतों से पराजित किया। भाजपा के लिए यह उपलब्धि रही कि जिला परिषद में भाजपा के 23 सदस्य चुनाव जीतकर आए और उप जिला प्रमुख के चुनाव में उनके प्रत्याशी चौधरी को 23 मत ही मिले। 32 सदस्यीय जिला परिषद में भाजपा के 23 और कांग्रेस के 9 सदस्य हैं। इससे पहले शनिवार को भाजपा की वंदना नोगिया निर्विरोध जिला प्रमुख निर्वाचित हुई थी। जिला प्रमुख का पद एससी महिला के लिए आरक्षित था और कांग्रेस में एक भी एससी महिला चुनाव जीतकर नहीं आई थी।
उप जिला प्रमुख के लिए भाजपा के टीकम चंद चौधरी, दिनेश प्रजापत व विजय सिंह मेहरात और कांग्रेस से संजू चौधरी ने जिला निर्वाचन अधिकारी आरुषि ए मलिक के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। वार्ड 25 से भाजपा के सदस्य रामधन के लिए उनके परिजन भी नामांकन पत्र लेकर गए, लेकिन निर्धारित समय निकल जाने के कारण उन्होंने नामजदगी का पर्चा जमा ही नहीं करवाया। चौधरी के प्रस्तावक शमशेर सिंह, प्रजापत की प्रस्तावक संतोष गोयल, मेहरात की प्रस्तावक किरण जेदिया और कांग्रेस की संजू चौधरी के प्रस्तावक राम रघुनाथ बराला थे। सबसे पहले विजय सिंह और दोपहर पौने एक बजे दिनेश प्रजापत ने नामांकन पत्र वापस ले लिया। इस पर टीकम चौधरी भाजपा से अकेले मैदान में रह गए और उनका मुकाबला कांग्रेस की संजू चौधरी से हुआ।
दोपहर तीन बजे भाजपा के सभी 23 मतदाता एक साथ वोट देने के लिए जिला परिषद पहुंचे। उसके बाद कांग्रेस के 5 सदस्य वोट देने आए। कांग्रेस के 4 सदस्य शाम पौने 5 बजे वोट देने जिला परिषद पहुंचे। सभी सदस्यों द्वारा मताधिकार का उपयोग करने पर जिला निर्वाचन अधिकारी आरुषि ए. मलिक व उप जिला निर्वाचन अधिकारी
किशोर कुमार ने मतगणना शुरू की। इसमें भाजपा के टीकम चौधरी को 23 व कांग्रेस की संजू चौधरी को 9 मत मिले। जिला निर्वाचन अधिकारी ने टीकम चौधरी को विजयी घोषित कर शपथ दिलवाई। केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट, शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी, विधायक शंकर सिंह रावत, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष बीपी सारस्वत आदि मौजूद थे। कांग्रेस की तरफ से देहात उपाध्यक्ष बीरम सिंह रावत व सौरभ बजाड़ ने कमान संभाल रखी थी।
तीन फार्म से बढ़ी चिंता, देवनानी ने संभाली कमान
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने उप जिला प्रमुख के चुनाव की भी कमान संभाल रखी थी। सबसे पहले भाजपा के दिनेश प्रजापत जब नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे तो देवनानी ने उनसे सवाल किया कि किसके कहने पर नामांकन पत्र भरा है, पहले पार्टी में सबसे चर्चा करनी चाहिए थी। सदस्य के पिता लालचंद प्रजापत ने देवनानी से कहा, केंद्रीय मंत्री सांवरलाल जाट के कहने पर ही फार्म भरा है। इसके बाद भाजपा के देहात जिलाध्यक्ष बीपी सारस्वत जिला परिषद सदस्य टीकम चंद चौधरी को साथ लेकर आए, तभी लग गया था कि चौधरी ही भाजपा से उप जिला प्रमुख के प्रत्याशी हैं। लेकिन चौधरी के बाद विजय सिंह मेहरात के नामांकन पत्र दाखिल करने से भाजपा की स्थिति अजीबोगरीब वाली हो गई। देवनानी व सारस्वत सोचते ही रह गए कि एक के बाद एक कर फार्म जमा क्यूं हो रहे हैं?
हालांकि सारस्वत ने सफाई दी कि तीनों ने पार्टी के निर्देशानुसार ही नामांकन पत्र दाखिल किया है। उप जिला प्रमुख का प्रत्याशी घोषित होते ही बाकी दोनों नाम वापस ले लेंगे। मेहरात ने तो जल्दी नाम वापस ले लिया, लेकिन साढ़े 12 बजे तक भी जब प्रजापत ने नाम वापस नहीं लिया तो भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ने लगी। प्रजापत से संपर्क साधा और उन्हें लेकर आए। नाम वापसी के बाद नेताओं ने राहत की सांस ली। देवनानी ने कहा कि जिला परिषद में भाजपा के इस बार ज्यादा युवा जीतकर आए हैं, इन्हें जिला परिषद द्वारा बनाई जाने वाली कमेटियों में शामिल किया जाएगा।