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नगर निगम के खिलाफ दायर स्टे अर्जी पर यथास्थिति के आदेश

7 वर्ष पहले
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अजमेर. सुभाष उद्यान के सामने स्थित पुराने प्राइवेट बस स्टैंड की जमीन पर नगर निगम द्वारा पार्किंग के लिए बनाई जा रही दीवार के विरोध में तीन अलग-अलग प्रकरण दायर किए गए हैं। दो मामलों में शुक्रवार को स्टे अर्जियों पर दोनों पक्षों की बहस सुनकर आदेश के लिए कोर्ट ने 2 मार्च की पेशी तय की है और तब तक यथास्थिति के आदेश दिए हैं। वहीं निगम द्वारा लीज पर दी गई दुकानों के आगे दीवार बनाने के मसले पर स्टे अर्जी पर सुनवाई 2 मार्च तक टल गई है।

महादेव ढाबा की लाइन में स्थित एक दुकान के मालिक अशोक महावर ने वकील सुरेंद्र जालवाल के जरिये कोर्ट में मंगलवार को दावा और स्टे अर्जी पेश की थी। वहीं गुरुवार को निगम की लीज वाली दुकानों के सामने स्थित लाइन में बनी दो दुकानों सहित एक मकान मालिक ने भी निगम के खिलाफ स्टे अर्जी पेश की थी। महावर की ओर से पेश दावे और स्टे अर्जी में बताया गया है कि निगम ने ही लीज पर दुकान दी थी।
इस दुकान के आगे पांच फीट तक फुटपाथ है उसके आगे रास्ता है। निगम अब कुछ फीट जगह छोड़कर दीवार बना रही है, जिससे दुकान के उपयोग में परेशानी होगी। निगम ने कहा कि जनहित में प्राइवेट बस स्टैंड पर पार्किंग बनाई जा रही है। दुकानों के लिए 12 फीट जगह छोड़ी जा रही है। प्रार्थी की अर्जी पर गुरुवार को सभी पक्षों की मौजूदगी में मौका निरीक्षण किया गया। कमिश्नर रिपोर्ट आने और प्रकरण में स्टे अर्जी पर बहस के लिए अब 2 मार्च की पेशी तय की गई है।
इधर, लीज वाली दुकानों के सामने बने मकानों के सामने दीवार निर्माण का भी विरोध शुरू हो गया है। रुक्मणी गुर्जर और नाथूलाल शर्मा ने निगम के खिलाफ स्टे अर्जी और दावा पेश कर बताया कि कई सालों से उनके रास्ते दुकानें बस स्टैंड की ओर खुले हैं। मात्र एक से डेढ़ फीट जगह छोड़कर दीवार बनाई जा रही है। इससे आवाजाही बंद हो जाएगी। निगम ने बताया कि वादीगण को रास्ते का अधिकार नहीं है। उनके मकानों के रास्ते गुलाबबाग की ओर खुले हैं। दोनों मामलों में बहस पूरी हो गई है, 2 मार्च को कोर्ट ने आदेश पारित करने की तारीख तय की है।