अजमेर। राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद वरिष्ठ ने पदोन्नति में भेदभाव और अनियमितता हाईकोर्ट के फैसलों की पालन नहीं करने के विरोध में बुधवार को राजस्व मंडल के बाहर प्रदर्शन किया। परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण वर्मा की अगुआई में प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंडल की चेयरमैन नीलिमा जौहरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंंपा।
वर्मा ने बताया कि मंडल प्रशासन ने एक माह के भीतर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मांगें पूरी नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले परिषद की अोर से दिए गए धरने में बड़ी संख्या में नायब तहसीलदार तहसीलदार शामिल हुए। एसएन वर्मा ने बताया कि राज्य में आरएएस के 120, तहसीलदारों के 75 और नायब तहसीलदारों के करीब 700 पद रिक्त हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों के बावजूद राजस्व मंडल ना तो रिव्यू डीपीसी कर पा रहा है और ना ही नियमित डीपीसी हो पाई है। इस बाबत कई बार मंडल प्रशासन और सरकार को चेताया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पटवारी से लेकर तहसीलदार के पद बड़ी संख्या में रिक्त होने के बावजूद कलेक्टर जबरन राजकीय कार्य संपादित कराने का दबाव बना रहे हैं यह उनका शोषण है, इसलिए परिषद ने अपनी मांगों को लेकर राजस्व मंडल के बाहर धरना प्रदर्शन किया है।
वर्मा ने हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मंडल प्रशासन इनकी अवहेलना कर रहा है। वर्मा ने मंडल प्रशासन पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा कि नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 22 सितंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।