अजमेर। दरगाह इलाके में अब ना तो बार-बार फाल्ट आएंगे और न ही फाल्ट आने पर हाथीभाटा पावर हाउस से सप्लाई बंद करनी पड़ेगी। इसके लिए आे एंड एम विंग ने नए सिरे से ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण शिफ्ट किए हैं। अब फाल्ट आने पर मोतीकटला से ही सप्लाई बंद होगी। खास बात ये है कि फाल्ट आने पर पूरे इलाके की बजाय केवल संबंधित क्षेत्र की ही बिजली बंद होगी।
डिस्कॉम की ओर से मोती कटला पर 33 केवी जीएसएस बनाने का काम किया जा रहा है। ओएंडम विंग ने जीएसएस के लिए यहां 200 केवी के 4, 250 केवी का 1 तथा 500 केवी के 1 पुराने ट्रांसफार्मर पुलिस थाने के पास व्यवस्थित कर लगाए हैं। ये ट्रांसफार्मर जहां पहले लगे हुए थे, वहां अब 33 केवी जीएसएस बनाने की तैयारी हो रही है।
इंजीनियरों के मुताबिक खुले में ट्रांसफार्मर और लाइनें होने से यहां आए दिन बंदर, कुत्ते और अन्य जानवर इसकी चपेट में जाते थे। सिटी एक्सईएन मुकेश ठाकुर ने बताया कि इस कारण लाइनों को हाथीभाटा पावर हाउस से बंद करना पड़ता था। अब ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है कि कोई भी तकनीकी दिक्कत होने पर लाइन को मोती कटला से ही बंद किया जाएगा। इससे इस क्षेत्र में जहां पर फाल्ट आएगा केवल उसी क्षेत्र की लाइन को बंद किया जाएगा।
लाइनें बिछीं, तैयारियां पूरी :
मोतीकटला पर बनने वाले जीएसएस को लेकर करीब 8500 किलो वजनी 8 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर को दरगाह बाजार से मोती कटला की सीढ़ियों के जरिए पहुंचाने का चुनौतीपूर्ण कार्य एचटीएम विंग की ओर से किया जा चुका है। विंग के एक्सईएन एनके भटनागर ने बताया कि अभी यहां 5 एमवीए का एक और ट्रांसफार्मर पहुंचाया जाएगा। विंग ने अब तक सिटी पावर हाउस से आगरा गेट, देहली गेट से गंज, देहली गेट पुलिस चौकी से मोती कटला तक केबल डालने का कार्य कर दिया है।