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दूसरों का बनाती हैं, पर खुद का नहीं बन रहा जन्म प्रमाण पत्र
सिस्टम में उलझी महिला सरपंच
पैन कार्ड बनाने के लिए था जरूरी
सरपंच को जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता अपना पैन कार्ड बनवाने के लिए पड़ी है। वह भी इसलिए कि पंचायत द्वारा जो ठेकेदारों को भुगतान किया जाता है, उसमें से टीडीएस काटा जाता है। टीडीएस की वह राशि संबंधित विभाग में पंचायत द्वारा ही जमा कराई जाती है। पैन कार्ड नहीं होने के कारण पंचायत को दोगुना टीडीएस का भुगतान करना पड़ रहा है। पैन कार्ड के लिए अभी जन्म तारीख की अनिवार्यता है।
जन्म निगम सीमा क्षेत्र में
सरपंचजांगिड़ का जन्म अजमेर शहर में यानी निगम सीमा क्षेत्र में हुआ, लेकिन अभी वे सेदरिया पंचायत के बड़गांव में रहती हैं। लिहाजा जन्म प्रमाण पत्र भी एसीएम के माध्यम से ही बनेगा। सन 1964 में जन्मी सरपंच ने किसी स्कूल में पढ़ाई-लिखाई नहीं की, पर संपूर्ण साक्षर हैं। इस कारण स्कूल का कोई ऐसा दस्तावेज नहीं है, जिसमें जन्म तारीख उपलब्ध हो। सरपंच ने एक राजपत्रित अधिकारी, एक निगम के वार्ड पार्षद, नोटेरी के शपथ पत्र एवं खुद का शपथ पत्र भी लगाया है। सवा माह पहले किए गए आवेदन के साथ दोनों बड़े भाइयों के साथ पति खुद के राशन कार्ड, वोटर आईडी की फोटो प्रति भी नत्थी की है। इसके बावजूद जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा, क्योंकि एसीएम जन्म तारीख से संबंधित प्रमाण की मांग कर रहे हैं।
जिसके पास जन्म तिथि के प्रमाण हैं तो आवेदन के साथ लगाना होता है और जिसके पास जन्म तिथि से संबंधित किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं हो और वह बालिग हो तो उससे प्रमाण पत्र लेने के लिए निम्न दस्तावेज संलग्न करने होते हैं।
1. दस रुपए के स्टांप पेपर पर स्वयं की घोषणा का शपथ पत्र नोटरी से प्रमाणित
2.एक राजपत्रित अधिकारी वार्ड पार्षद या वार्ड पंच से सत्यापन।
3. दो पड़ोसी जो आवेदक की स्वयं की उम्र से बड़े हों।
4. शपथ पत्र पर आवेदक का फोटो लगा होना चाहिए।
5. अपने माता-पिता स्वयं के मौजूदा निवास स्थान से संबंधित दस्तावेज।
ये हैं नियम
निर्मल मिश्र|अजमेर
गांवके लाेगों को जन्म-मृत्यु और आय प्रमाण पत्र जारी करने वाली सरपंच को जब खुद का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत पड़ी तो उन्हें एसीएम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई बार चक्कर काटने के बाद भी अब तक उनका प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। यह रोचक किस्सा है सेदरिया की महिला सरपंच प्रेम देवी जांगिड़