अजमेर. जिला पुलिसआैर रसद विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर गुरुवार को अलवर गेट स्थित सीआरपीएफ पुलिया के नीचे एक कार से 19 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए। रसद विभाग ने सिलेंडर जब्त कर आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया आैर कार पुलिस को सौंप दी। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक फोन पर सूचना मिली थी कि घरेलू गैस सिलेंडरों से भरी एक कार सीआरपीएफ पुलिया के नीचे से गुजर रही है। सूचना पर दबिश देकर कार की तलाशी ली गई तो उसमें 19 घरेलू सिलेंडर मिले।
कार चालक बिहारी गंज निवासी अशोक कुमार चतुर्वेदी सिलेंडरों के बारे में संतोषजनक जबाव नहीं दे सका। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि सिलेंडर वह नाका मदार स्थित हरेंद्र गैस एजेंसी से ब्लैक में लाया था। वाहनों में रिफिलिंग के लिए सिलेंडर ले जाए जा रहे थे।
' कार से 19 एलपीजी सिलेंडर बरामद हुए। आरोपी ने सिलेंडर हरेंद्र गैस एजेंसी से ब्लैक में खरीदना बताया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।'
-सुरेश कुमार,जिला रसद अधिकारी
ब्लैक में बेचने के लिए ब्लैक खरीदे
आरोपी अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि 600 रुपए प्रति सिलेंडर के हिसाब से उसने 11400 रुपए नकद देकर उन्नीस सिलेंडर खरीदे थे। 392 रुपए का एक सिलेंडर आता है, लेकिन इसके 600 रुपए देने के पीछे सबसे बड़ी वजह ब्लैक करना है। अशोक ने बताया कि वह एक सिलेंडर के 800 से 1000 तक कमाता है। प्रवर्तन अधिकारी सादिक अली ने बताया कि सिलेंडरों में कुल 265 किलो एलपीजी गैस थी।
हरेंद्र गैस एजेंसी की संचालक रेखा नेगी का कहना है कि अलवर थाना पुलिस उन्हें रंजिश वश फंसा रही है। सिलेंडर किसी और जगह से खरीदे गए। उधर पुलिस ने आरोपों काे निराधार बताया है।