सेंट्रल हेल्पलाइन सेंटर शुरू
अब एक साल बाद ही मिलेगी \\\"हेल्प\\\' लाइन
आज सेवानिवृत्त होंगे बोर्ड प्रशासक सचिव
राजस्थानमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सेंट्रल हेल्पलाइन सेंटर (सीएचसी) यदि ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र के पूर्व हो जाता तो विद्यार्थियों को ज्यादा लाभ मिलता। अब इस सुविधा का एक साल बाद ही विद्यार्थियों को सही मायने में लाभ मिल सकेगा। सीएचसी में जारी किए गए सवाल-जवाब भी इसकी पुष्टि करते हैं।
बोर्ड सीएचसी को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता रहा है। लोकार्पण समारोह में सोमवार को बोर्ड सचिव अजय कुमार शुक्ला ने इसका जिक्र भी किया कि यह प्रशासक आरके मीणा का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को मीणा के रिटायरमेंट से एक दिन पूर्व ही लॉन्च किया गया है। बोर्ड के मुताबिक प्रोजेक्ट लंबे समय से विचाराधीन था और इसकी तैयारी में भी काफी समय लग गया। विद्यार्थियों से संबंधित कॉलम में जो सवाल-जवाब दिए गए हैं, वे ऑनलाइन आवेदन से संबंधित हैं। बोर्ड ने अगस्त में ही ऑनलाइन आवेदन भरवा लिए हैं। यदि यह सीएचसी समय पर शुरू हो जाती तो प्रदेश के 20 लाख अभ्यर्थियों को सही समय पर मार्गदर्शन मिलता। अब 2016 की परीक्षा के लिए जब ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे।
^इस हेल्पलाइन को बहुआयामी बनाने का प्रयास किया गया है। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित जानकारी के साथ ही विभिन्न शाखाओं से संबंधित जानकारी जुटाने में भी समय लगा है। फिर भी यह विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और परीक्षकों के लिए लाभदायक रहेगी।
-आरकेमीणा, प्रशासक,माशिबो
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सेंट्रल हेल्प लाइन सेंटर का उद्घाटन करते हुए संभागीय आयुक्त प्रशासक आर के मीणा।
बुकलेट का पता नहीं चलता था
परीक्षा आवेदन के साथ ही विभिन्न शाखाओं से संबंधित कार्यों के बारे में जानकारी के लिए बोर्ड अब तक स्कूलों में बुकलेट भेजता रहा है। बोर्ड के अधिकारी ही इस बात को स्वीकार करते हैं कि ये बुकलेट विद्यार्थियों तक पहुंच ही नहीं पाती थीं।