जिनशासन तीर्थ क्षेत्र का शिलान्यास
अजमेर| नाकामदार मेला ग्राउंड में सोमवार को ऐलाचार्य वसुनंदी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जिनशासन की छत्र छाया में आने वाले सभी लोगों का कल्याण हुआ है। अहिंसा पालन से ही धर्म जीवंत है। जैन संस्कृति का आधार यही है। महाराज ने कहा कि मंदिर सच्चे मन से बनाए जाते हैं।
संयोजक विनीत कुमार जैन ने बताया कि सोमवार को श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र जैन नगर में वसुनंदी महाराज ससंघ सुबह पहुंचे। गुरू भक्ति, आरती कर जाप्यानुष्ठान शुरू किया गया। सुबह 10.35 पर ध्वजारोहण सतीश चन्द वीरेंद्र कुमार, निर्मल कुमार पंकज कुमार बढ़ारी ने किया। नवदेवता पूजन भूमि शुद्धि कार्यक्रम संपन्न हुए। इसके बाद विशाल चौबीसी (11 फुट), उत्तर भारत की सबसे उत्तुंग खड्गासन प्रतिमा (लगभग 50 फुट), चौबीस मन्दिरों, समारोह स्थल एवं पैथोलोजी लैब की नींव लगाई गई।
इनकाहुआ सम्मान: भारतकी प्रथम संस्था महासभा अध्यक्ष निर्मल कुमार सेठी ने श्री जिनशासन तीर्थक्षेत्र के लिए भूमि प्रदाता सुरेन्द्र कुमार ढिलवारी उनके परिवार, 51 फीट उत्तुंग प्रतिमा के प्रदाता शाहबजाज परिवार, निर्मल चन्द सोनी, जैन र| शांतिलाल बडज़ात्या, निर्मल कुमार सेठ, जैन र| जयसिंह कोठारी भीलवाड़ा, राजेन्द्र कुमार बाकलीवाल भीलवाड़ा पवन कुमार सोनी का सम्मान किया गया। कें्द्रीय प्रचार मंत्री महासभा प्रचार प्रसार संयोजक विनीत कुमार जैन के द्वारा चौबीसी मंदिर प्रदाताओं का का सम्मान किया गया।
नाका मदार में सोमवार को आयोजित धर्म सभा में मौजूद श्रद्धालु।