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अजमेर विकास प्राधिकरण ने शुरू की कवायद

7 वर्ष पहले
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130 करोड़ रुपए से निखरेगी झील

शहरकी सबसे बड़ी और ऐतिहासिक आनासागर झील को अब अजमेर विकास प्राधिकरण ने निखारने का फैसला किया है। झील के सौंदर्यीकरण पर प्राधिकरण लगभग 130 करोड़ रुपए खर्च करेगा। झील में निर्माण नहीं हो, इसके लिए 386 बीघा जमीन अवाप्त की गई है। मुख्यमंत्री 15 दिसंबर को झील के किनारे बनने वाले पौन किलोमीटर पाथ-वे का शुभारंभ करेंगी। आने वाले समय में झील के चारों ओर पाथ-वे का निर्माण करवाया जाएगा।

निर्माण रहित क्षेत्र

झीलकी खातेदारी भूमि पर अवैध रूप से हो रहे निर्माणों को रोकने के लिए सरकार ने कुछ माह पहले ही झील और पालबीसला तालाब को निर्माण रहित क्षेत्र घोषित किया है। इसके अलावा मास्टर प्लान में भी झील के खाली जमीन को खुला क्षेत्र घोषित किया है, ताकि निर्माण नहीं हो सके।

2.74 माइल्सक्षेत्र में झील का फैलाव है।

16फीटहै अधिकतम भराव क्षमता 13फीटहै झील का फुल टैंक लेवल

68एकड़में बनेगा उद्यान (मास्टरप्लान के मुताबिक)

झील पर एक नजर

झील की 386 बीघा भूमि आवाप्त करने की कार्यवाही चल रही है। शीघ्र ही खातेदारों को मुआवजा बांट दिया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए पाथ-वे भी बनाया जा रहा है। सीवरेज प्लांट भी शीघ्र शुरू होगा। - स्नेहलतापंवार, कमिश्नर,एडीए

वेट-लैंड

पाथ-वे

सर्किट हाउस

रामप्रसाद घाट

बारहदरी

चौपाटी, जेटी

सीवरेज प्लांट

आनासागर की झील की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए अजमंेर विकास प्राधिकरण ने 386 बीघा भूमि अवाप्त की है। प्राधिकरण ने दो चरणों में भूमि अवाप्त की है। प्रथम चरण में झील से सटी 171 बीघा जमीन अवाप्त की है। प्राधिकरण जमीन के एवज में 75 करोड़ 42 लाख 90 हजार 845 रुपए का मुआवजा बांटेगा। इसी प्रकार एडीए ने वेटलैंड के लिए 215 बीघा जमीन अवाप्त की है। इसके लिए एडीए 50 करोड़ 86 लाख 97 हजार 393 रुपए मुआवजा बांटेगा। अवाप्त होने के बाद झील में अवैध निर्माण पर रोक लग जाएगी।

386 बीघा भूमि अवाप्त

आनासागर झील में आने वाले सीवेज एवं गंदे पानी को साफ करने के लिए सीवेज प्लांट लगाया जा रहा है। इसका कार्य मार्च 2015 तक पूरा होने की संभावना है। प्लांट लगाने पर करीब 13 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा झील के आस-पास के क्षेत्रों के गंदे पानी को रोकने के लिए सीवेज लाइन बिछाई जा रही है।

सीवेज प्लांट तैयार

रीजनल कॉलेज तिराहे से गोविंदम स