अजमेर। डिस्कॉम ने एक साल में डिस्कॉम क्षेत्र में 146 नए 33 केवी जीएसएस तैयार किए हैं। इससे 490. 15 एमवीए बिजली भार की बढ़ोतरी हुई है। डिस्कॉम एमडी बी. राणावत ने बताया कि दिसंबर 2013 से नवंबर 2014 तक डिस्कॉम क्षेत्र में दूरदराज के गांवों को बिजली लाइनों से जोड़ने के लिए डिस्कॉम के सर्किलों में 1 एक हजार 21 किमी लाइन खींचकर बिजली व्यवस्था को मजबूत किया है। एक वर्ष में ही 4492 नए रोस्टर स्विच लगाए गए हैं। 1257 सर्किट ब्रेकर तथा 976 नए फीडर मीटर भी स्थापित किए गए हैं। निगम में भारत सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत पूर्व में स्वीकृत अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नागौर, डूंगरपुर, राजसमंद, सीकर, प्रतापगढ़ अन्य जिलों में 1 लाख 49 हजार 589 बीपीएल परिवारों को कनेक्शन, 1 लाख 78 हजार 219 एपीएल परिवारों को कनेक्शन, 19 हजार 327 ढाणियों का कार्य प्रस्तावित था। इसमें डूंगरपुर, झुंझुनूं तथा प्रतापगढ़ में द्वितीय चरण के कार्य आदेश दिए जा चुके हैं।
जल्द शुरू होगा अजमेर में स्कॉडा : एमडीबी. राणावत ने बताया कि अजमेर में जल्द ही सेंट्रलाइज्ड सिस्टम शुरू होगा। केईएम 32 जीएसएस को स्काॅडा के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया था। अन्य सब डिवीजन पर भी सिस्टम काम करेगा। ऊर्जा मंत्रालय ने त्वरित ऊर्जा विकास एवं सुधार कार्य के लिए 100 करोड़ 62 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया था। इससे पूरे शहर की बिजली व्यवस्था को मदार स्थित कंट्रोल रूम से संचालित किया जा सकेगा।