अजमेर। शहर के चौराहों के सौंदर्यीकरण और पार्कों के रखरखाव के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक घरानों को जिम्मेदारी सौंपने की गंभीर पहल की गई है। जिला कलेक्टर एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भवानी सिंह देथा ने रखरखाव का जिम्मा सौंपना शुरू कर दिया है।
उम्मीद है कि रखरखाव और सौंदर्यीकरण के प्लान पर संबंधित सरकारी महकमों से एमओयू होने के बाद जल्दी ही चौराहों की तस्वीर बदल जाएगी। देथा की अध्यक्षता में बुधवार सुबह कलेक्ट्रेट के समिति कक्ष में आयोजित बैठक में शहर के विभिन्न चौराहों के सौंदर्यीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। देथा पिछले एक माह से इस पर काम कर रहे थे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन के बीच कड़ी बने हुए थे।
कलेक्टर ने प्रस्तावों पर सहमति प्रदान कर दी। एडीए के आयुक्त मनीष चौैहान ने विभिन्न औद्योगिक संस्थानों एवं संस्थाओं को शहरी क्षेत्र के सर्किल गोद लेने के संबंध में अनुबंध प्रपत्र तैयार कर दे दिया है। उम्मीद है कि एक दो दिन में एमओयू हो जाएगा।
देथा ने डिस्कॉम, रिलायंस कम्पनी सहित अन्य कंपनियों द्वारा शहर की सड़कों की जगह-जगह अपने तरीके से खुदाई करने को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इससे शहर की सड़कों की स्थिति खराब हुई है और यातायात में भी बाधा हो रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि सड़कों की खुदाई का कार्य संबंधित एजेंसी धनराशि जमा कराकर एवं स्वीकृति लेकर करा रहे हैं परंतु अव्यवस्थित तौर पर कार्य कराने से नागरिकों को परेशानी हो रही है।
एडीए आयुक्त मनीष चौैहान ने बताया कि अजमेर शहर के सौन्दर्यीकरण के तहत चौराहों को नया स्वरूप देने और ट्रैफिक पॉइंट डिवाइडर का स्वरूप आकर्षक करने तथा पौधरोपण करने का कार्य संस्थाओं जनसहयोग से कराया जाएगा।
बैठक में ये थे आमंत्रित
बैठक में अंबे माता मंदिर का संचालन करने वाली जय अंबे नवयुवक सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश टंडन उपाध्यक्ष करण सिंह, श्री सीमेंट के वरिष्ठ महाप्रबंधक भवानी सिंह, संस्कृति स्कूल के मुकेश गोयल, अग्रवाल पाठशाला सभा के सीताराम गोयल, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के एस.एस.के.एस साई राम,
पीके भट्ट महेश कुमार माथुर, श्री सीमेंट समूह के महाप्रबंधक वरुण धवन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक उमेश त्यागी आदि को आमंत्रित किया गया था।