दो दशक से निरस्त हैं अफीम पट्टे
अजमेर | प्रदेशमें दो दशकों से अफीम के पट्टे निरस्त हैं। राज्य सरकार इन पट्टों को बहाल करे, ताकि काश्तकारों को राहत मिल सके। यह जानकारी अफीम उत्पादक संघर्ष समिति हाड़ौती संभाग के संयोजक भवानी शंकर धरती पकड़ ने मीडिया से बातचीत में दी। वे एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दरगाह जियारत को आए थे। धरतीपकड़ का कहना है कि दुनिया की सबसे महंगी खेती अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी अफीम की खेती के पट्टे तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गुणवत्ता और मिलावट के नाम पर निरस्त कर दिए। उन्होंने कहा कि इससे हजारों किसानों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सीएम वसुंधरा राजे ने पूर्व में अफीम के 52 हजार पट्टे दिए थे। हालात यह हैं कि अब मात्र 84 पट्टे ही बचे हैं। इसके चलते अफीम की खेती करने वाले हजारों काश्तकारों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएम राजे को भी ज्ञापन भेजा गया है।
चादरपेश की, पुष्कर में पूजा-अर्चना : धरतीपकड़ की अगुवाई में काश्तकारों के 15 सदस्यीय दल ने गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश की और पट्टे वापस बहाल हों, इसके लिए मन्नत मांगी। बाद में जन्नती दरवाजे पर मन्नत का धागा बांधा। यह दल बाद में पुष्कर भी पहुंचा। ब्रह्मा मंदिर में दर्शन किए और सराेवर की पूजा अर्चना की।