तप के पथ पर बढ़ने का संकल्प
ऐलाचार्यवसुनंदी मुनिराज ने शुक्रवार को परबतपुरा स्थित बिड़ला सिटी वाटर पार्क में हजारों जैन धर्मावलंबियों की उपस्थिति में ऋषभ जैन, अंकित जैन और मुकेश को दीक्षा दी। आत्मिक कल्याण के इस महाआयोजन के दौरान सुसज्जित मंच पर ऐलाचार्य श्री 108 वसुनंदी मुनिराज ससंघ ज्ञानानंद, मुनि जिनानंद, मुनि आत्मानंद, मुनि निजानंद, मुनि सहजानंद, ऐलक प्रज्ञानंद, ऐलक ध्यानानंद, क्षुल्लक विशंक सागर, क्षुल्लक श्रद्धानंद, क्षुल्लक शिवानंद एवं दीक्षार्थी श्रद्धानंद, शिवानंद और शुद्धात्म प्रकाश विराजमान थे। दीक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ शैलेश कुमार प|ी ममतादेवी साहबजाज ने ध्वजारोहण कर किया। मंगलाचरण बहन साक्षी दीदी ने एवं दीप प्रज्वलन मोहनलाल प|ी चम्पादेवी जैन तथा चित्र अनावरण राजीव कुमार प|ी नीलम देवी साहबजाज परिवार ने किया।
वैभव छोड़ अपनाया वैराग्य
बिहारीकॉलोनी (दिल्ली) में 30 नवंबर 1987 को जन्मे क्षुल्लक श्रद्धानंद महाराज ने दीक्षा ग्रहण की। इनका गृहस्थ नाम ऋषभ है, माता कृष्णा पिता सुभाष चन्द जैन हैं। कृष्णा नगर, (दिल्ली) में 13 मार्च 1985 को जन्मे क्षुल्लक शिवानंद महाराज ने दीक्षा ली। इनका गृहस्थ नाम अंकित है। अशोक विहार, (दिल्ली) में 29 जुलाई 1959 को जन्मे शुद्धात्म प्रकाश ने भी दीक्षा ग्रहण की। गृहस्थ नाम मुकेश है।
बिरला सिटी वाटर पार्क में शुक्रवार को आयोजित दीक्षा समारोह के मौके पर उपस्थित जैन धर्मावलंबी।
ऐलाचार्य वसुनंदी महाराज ने दीक्षा अवसर पर आयोजित धर्म सभा में कहा कि मनुष्य जैसे कर्म करता है, उसे वैसे ही फल मिलते हैं। दूसरों की सेवा और परोपकार करने वाला सब लोगों को प्रिय होता है। जीवन में जो सुख शांति चाहता है, उन्हें प्रभु भक्ति अवश्य करनी चाहिए। दुआ दवा से बढ़कर कार्य करती है। दीक्षा कार्यक्रम में वसुनन्दी जी महाराज ने ब्रहचारी सिदार्थतम प्रकाश को मुनि दीक्षा दी। नितिन जैन प|ी रितु जैन ने पिच्छी भेंट की तथा सौभाग्य एकांत जैन प|ी नेहा जैन ने कमंडल भेंट किया। माला भेंट करने का सौभाग्य नितिन जैन प|ी रितु जैन को मिला। शास्त्र भेंट एकांत जैन, सुनीता वर्षा जैन ने किया। शिल्पी दीदी ने मंगलाचरण गाया। दीक्षा संस्कार के बाद केशलोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमडीएस के कुलपति कैलाश सोढ़ानी कंवल प्रकाश किशनानी एवं अरविंद यादव शहर अध्यक्ष भाजपा रहे। इस अवसर पर राष्