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\"बालकों के अधिकारों का संरक्षण आवश्यक\'

7 वर्ष पहले
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जिलाविधिक सेवा प्राधिकरण अजमेर द्वारा बाल विवाह एवं बाल तस्करी प्रतिषेध एवं बालकों के अधिकार : भविष्य का संचय विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला रविवार को सम्पन्न हुई। कार्यशाला में प्रतिभागियों को बाल विवाह, बाल तस्करी एवं बालकों के अधिकार विषय पर जानकारी दी गई। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सिविल लाइंस स्थित राजीव गांधी सेवा भवन में आयोजित कार्यशाला में राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जीके व्यास, न्यायाधिपति महेंद्र कुमार माहेश्वरी, अजमेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा, भीलवाड़ा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, टोंक के जिला एवं सत्र न्यायाधीश जी.आर. मूलचंदानी, जिला कलेक्टर भवानी सिंह देथा और पुलिस अधीक्षक महेंद्र चौधरी सहित न्यायिक अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

कार्यशाला में राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जीके व्यास ने कहा कि बाल विवाह, बाल तस्करी एवं बालकों के अधिकारों का हनन गंभीर समस्याएं हैं। इन समस्याओं के उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत है। व्यास ने बालकों के हित संरक्षण के लिए लोकतंत्र के सभी अंगों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि बालकों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक है। उनके माता-पिता को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना होगा। साथ ही जो बालक इसकी लत में हैं, उन्हें चिकित्सा सुविधाएं देनी होगी। इसके लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के जरिये बाल अधिकार संरक्षण के साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय होकर स्थानीय भाषा में काम करने की आवश्यकता जताई।

दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी

राजस्थानउच्च न्यायालय के न्यायाधीश महेंद्र कुमार माहेश्वरी ने कहा कि बालकों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम एवं बाल हित और संरक्षण के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति से काम करने की आवश्यकता है। ग्रामीण परिवेश में बालकों के हित संरक्षण के लिए उनकी शिक्षा एवं आर्थिक समस्याओं का निराकरण आवश्यक है। माहेश्वरी ने कहा कि बालकों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की है। विद्यार्थियों की ऊर्जा को सकारात्मक मोड़ दिया जाए, ताकि उनका विकास हो सके। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजमेर उमेश कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों को बाल विवाह, बाल तस्करी एवं बालकों के अधिकार विषय पर जानकारी दी।