अफसरों की बैठक लेते अतिरिक्त मुख्य सचिव एके जैन।
अजमेर. अजमेर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाने को लेकर नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके जैन ने सभी संबंधित विभागों के अफसरों की बैठक ली।
बैठक में 'स्मार्ट सिटी विजन प्लान' जनवरी 2015 तक बनाते हुए इस कार्य को 2016 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अजमेर एक विशेष शहर है, जो स्मार्ट सिटी बनने के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने इसके लिए अजमेर विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाकर तत्काल कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
ये दिए सुझाव
महापौर कमल बाकोलिया ने कहा कि स्थानीय समस्याओं का चिह्नित कर उनका समाधान निकालना होगा। शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए हर स्तर पर कड़े प्रयास करने होंगे। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रमुख स्थानों पर आरओबी जरूरी है। किशनगढ़ नप सभापति गुणमाला पाटनी, पुष्कर नपा अध्यक्ष कमल पाठक ने भी सुझाव दिए।
ऐेतिहासिक धरोहर पर्यावरण से हो छेड़छाड़
जैन ने स्मार्ट सिटी विजन डॉक्यूमेंट बनाते समय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की धरोहर संरक्षण और पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ किए बिना जनभागीदारी के साथ कार्य करना होगा।
फिलहाल अपने संसाधन बजट का करें उपयोग: जैन ने बताया कि अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने में अमेरिकन सरकार भी सहयोग करेगी, लेकिन हमें अपने प्रयास और कार्य अभी से ही प्रारंभ करने होंगे। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के पास अपने संसाधन बजट है। अतिरिक्त राशि के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजे जाएंगे। नगर निगम एडीए, पुष्कर नगर पालिका, नगर परिषद किशनगढ़ को भी खुद के संसाधन विकसित कर आय में वृद्घि करनी होगी। इसके लिए संभागीय आयुक्त स्तर पर एक कमेटी का गठन होगा, जो तकनीकी कार्यों को अंतिम देगी।
इसके तहत आम लोगों को सभी प्रकार की सुविधाएं स्वीकृतियां आसानी से उपलब्ध हो। नगर निगम और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों की स्वीकृति चाहने वाले नागरिकों को आसानी से प्राप्त हो।
इसके तहत बैंक सहित विभिन्न विभागों की शाखाओं कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए कि यहां दी जाने वाले सुविधाएं आम लोगों के लिए पर्याप्त रहें।