कहां है वेटिंग रूम का एसी और एलईडी!
रोडवेजकी कार्यकारी यातायात निदेशक उर्मिला राजोरिया सोमवार को अजमेर केंद्रीय बस स्टैंड के निरीक्षण के दौरान उस समय दंग रह गई, जब उन्होंने डीलक्स प्लेटफार्म के वेटिंग रूम में एसी और एलईडी टीवी लगा नहीं देखा। उन्होंने कहा कि ऐसे में यहां यात्री कैसे रुकेंगे? डीलक्स प्लेटफार्म पर तो यह व्यवस्था होनी ही चाहिए। राजोरिया ने सोमवार को केंद्रीय बस स्टैंड के निरीक्षण के साथ-साथ अजमेर, अजयमेरू तथा सीबीएस की प्रगति रिपोर्ट भी जांची।
राजोरिया तथा कार्यकारी प्रबंधक यातायात अनिता बरसीवाल ने बस स्टैंड पर स्मार्ट कार्ड रूम, आरक्षण बुकिंग विंडो, डीलक्स प्लेटफार्म, वेटिंग रूम तथा सीबीएस दफ्तर का निरीक्षण किया। कर्मचारियों से उनके कार्य के बारे में भी जानकारी ली। इससे पहले उन्होंने जोनल कार्यालय में अजमेर, अजयमेरू तथा सीबीएस कार्यालय की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कंडक्टरों तथा ड्राइवरों के रूट परिवर्तन के लिए लागू रोस्टर की पूरी तरह से पालना की जाए। किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाए। इस व्यवस्था में कोई खामी पाई गई तो वे कार्रवाई करेंगी। इस मौके पर जोनल मैनेजर तेजकरण टांक, कार्यवाहक चीफ मैनेजर अजयमेरू आगार मोहनलाल शर्मा, एमओ अजमेर आगार केएल देवनानी, मैनेजर ट्रैफिक गजेंद्र पाराशर तथा शिप्रा शानिवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। राजोरिया को लौटते वक्त ग्रामीणों ने अजमेर-अरांई के बीच सुबह चलने वाली बस को अधिकारियों की ओर से बंद करने की शिकायत कर इसे फिर शुरू करवाने की मांग की।
रोडवेज की कार्यकारी यातायात निदेशक उर्मिला राजोरिया ने पत्रकारों से कहा कि कार्यकारी यातायात निदेशक होने के अलावा मुख्यालय ने उन्हें अजमेर जोन में स्थिति सुधार के लिए नोडल अधिकारी की भी जिम्मेदारी दे रखी है। इसी क्रम में वे जांच करने के लिए आई हैं। कंडक्टर तथा ड्राइवर के शिड्यूल तथा रोस्टर तय मापदंडों के मुताबिक बदलते रहें ताकि रोडवेज के राजस्व रिसाव काे रोका जा सके। नए मार्गों पर कंडक्टर और ड्राइवर पुरानों के मुकाबले अच्छी आय और बेहतर डीजल एवरेज लेकर आते हैं। इसलिए रोस्टर व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया है। अभी तक 90 प्रतिशत रोस्टर लागू है। कुछ सुधार की आवश्यकता है, जो पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट वाहनों के अवैध संचालन से रोडवेज को हो रहे नुकसान के कारण जिला स्तर पर परिव