\"दुख और अशांति का कारण है अहंकार\'
पार्श्वनाथदिगंबर जैसवाल जैन मंदिर केसरगंज में वसुनंदी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म जिसके जीवन में होता है उसके जीवन में नम्रता, सहिष्णुता, सरलता, सहजता रहती है। धर्म कभी बाजार में, मंदिरों में नहीं मिलता, वह तो अपने अंदर हैं। जिनके जीवन में प्रतिपल धर्म की सुवाह रहती है उसका जीवन सुखद और प्रशस्त रहता है। अहंकार का भूखा यह मानव है। जिस कारण वह दुख और अशांति का अनुभव कर रहा है। परमात्मा के दरबार में वही व्यक्ति कुछ प्राप्त कर सकता है, जिसके जीवन में अहंकार नहीं होता। महाराज ने कहा कि इस सत्य को समझने वाला व्यक्ति भी शांत रहता है। धर्म का संबंध मात्र स्वर्ग मोक्ष से नहीं है आपके पारिवारिक जीवन से भी है। आप सभी अपने घरों को स्वर्ग बनाएं।
कलशािभषेक
श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय शांतिपुरा आनंद नगर में श्रीजी के कलशाभिषेक समारोह में मुनि पायसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में संपन्न हुआ। मंदिर समिति निर्मल गंगवाल और युवा नेता कमल गंगवाल ने बताया कि सोमवार को कलशाभिषेक से पहले पायसागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन दिए। महाराज ने अपने प्रवचन में दीपावली पर्व को स्नेह मिलन के रूप में मनाने और आतिशबाजी से दूर रखने का आह्वान कर लोगों को संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि इस पर होने वाले खर्चे को गायों के रखरखाव पर खर्च करना चाहिए। कार्यक्रम में आनंद नगर महिला मंडल ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए। श्री दिगंबर जैन संगीत मंडल के प्रो. सुशील पाटनी ने भजनों की प्रस्तुति दी। इसके बाद शाम को कलशाभिषेक समारोह हुआ। जिसमें नवीन सोगानी, अनिल गंगवाल, नरेश गंगवाल, पार्षद नीरज जैन, कैलाश चंद लुहाड़िया, पदम चंद सेठी, सुनील गंगवाल, सुशील बड़जात्या सहित लोग उपस्थित थे।
महामंडलविधान
श्रीदिगंबर जैन संगीत मंडल के तत्वावधान में शांतिनाथ महामंडल विधान दिगंबर जैन आठ गांव पंचायत अरांई स्थित जिन मंदिर में संपन्न हुआ। जिसमें प्रो. सुशील पाटनी के निर्देशन में पूजकों ने मंडलजी पर 120 अर्द्ध श्रीफल सहित समर्पित किए। अध्यक्ष घीसालाल अजमेरा सिरोंज की अगुवाई में आयोजित विधान में मंडल के सुभाष पाटनी, विद्या कुमार, धर्मचंद पाटनी ने गीतों की प्रस्तुति दी। विधान के बाद जिनेंद्र भवान को रथ पर विराजमान कर रथयात्रा निकाली गई। अंत में चंद्र प्रभु भगवान का जलाभिषेक किया गया।
रथयात्रामहोत्सव