मृतक को वारंट जारी करने पर आपत्ति
अजमेर | चेकके भुगतान और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में आरोपी व्यक्ति की मृत्यु होने के बावजूद उसके खिलाफ प्रसंज्ञान लेते हुए जमानती वारंट जारी करने पर वकील चरनजीत सिंह आेबेराय ने अदालत के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। वकील ओबेराय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी अर्जी में कहा है कि उनके बड़े भाई के मनमोहन सिंह ओबेराय के खिलाफ दिलीप रांका नामक व्यक्ति ने परिवाद पेश किया था। इस प्रकरण में 9 दिसंबर को पेशी तय है। उनका कहना है कि रांका से मनमोहन सिंह से अन्य विवाद भी चल रहे थे। राकां को इस बात की पूरी जानकारी है कि मनमोहन सिंह की 23 जून 2012 को ही मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद इस तथ्य की जानकारी राकां उनके वकील ने अदालत को नहीं दी। अदालत में प्रसंज्ञान से पहले दिलीप रांका के बयान भी हुए लेकिन उसने यह खुलासा नहीं किया कि विपक्षी मनमोहन सिंह की मृत्यु हो गई है। जबकि अन्य मुकदमों की कार्रवाई में मनमोहन सिंह की मृत्यु बाबत जानकारी हो चुकी थी। इसके बावजूद धोखाधड़ी अमानत में ख्यानत के मुकदमे में इसी माह 3 सितंबर को मृतक मनमोहन सिंह आेबेराय के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर वारंट से तलब कर लिया गया। ओबेराय ने इसे अदालत को गुमराह करने वाला कृत्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।