\"संवाद का माध्यम हिंदी\'
आजहिन्दी का व्यापक उपयोग देशभर में हो रहा है। हिन्दी टेलीविजन, कम्प्यूटर, विज्ञापन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की प्रमुख भाषा बन रही है। अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य का हिन्दी में अनुवाद तो हो रहा है किंतु हिन्दी साहित्य का अन्य भाषाओं में अनुवाद तुलनात्मक दृष्टि से कम हो रहा है। यह बात अंतर भारती साहित्य एवं कला परिषद द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया ने कही। उन्होंने कहा कि हिन्दी का भला तभी हो सकता है जब हम इसे मन से अपनाएं।
डॉ. अनन्त भटनागर ने कहा कि भाषाएं आपस में नहीं लड़ती, उन्हें बोलने वाले लोग लड़ते हैं। भाषाएं परस्पर सहचर बनकर ही विकास कर सकती हैं। बालकवि गोविंद भारद्वाज ने मेरे हिंद की हिन्दी सरताज दुनिया की कविता सुनाई। संचालन डॉ. अरुणा माथुर ने किया। संस्था अध्यक्ष अनिल गोयल, डॉ हरीश गोयल, लक्ष्मी दास, विष्णुदत्त शर्मा ने विचार रखे। अध्यक्ष अनिल गोयल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अभिनव प्रकाशन द्वारा हिन्दी के साहित्यकारों की उत्कृष्ट प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसे सभी ने सराहा। आर्य समाज अजमेर तथा आर्य समाज अजमेर के तत्वावधान में दयानंद आश्रम केसरगंज में मोहनचंद के ब्रह्मत्व ब्रह्म यज्ञ देवयज्ञ संपन्न हुआ। भक्ति गीत के बाद पं. रामस्वरूप रक्षक ने कहा कि आर्य भाषा हिंदी के विकास में आर्य समाज तथा महर्षि दयानंद सरस्वती को योगदान रहा। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपना वेदों का प्रचार प्रसार आर्य भाषा हिंदी में किया। सत्यार्थ प्रकाश जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ भाषा हिंदी में लिखे। हिंद महासागर के समीप बसे लगभग 29 हिंदी भाषी देश हैं। इस अवसर पर डॉ. राधेश्याम, डॉ. आराधना, जागेश्वर निर्मल, प्रेरणा शर्मा सहित मौजूद थे।
राजनीित में फंसकर रह गई राष्ट्रभाषा
चंद्रवरदाईसाहित्य समिति के तत्वावधान में रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित विचार परिचर्चा में सत्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि हिंदी हिंदुस्तान की भाषा होते हुए भी राजनीति फंसकर रह गई है। उन्होंने कहा कि देश में 45 वर्षों के बाद भी राष्ट्रभाषा का बिल लंबित है। मुख्य अतिथि नरेंद्र राव ने कहा कि अच्छी तरह अंग्रेजी नहीं समझने वाले लोग भी अपनी नाम पट्टिका पर अंग्रेजी में नाम लिखाते हैं। प्रबंध सचिव ब्रजेश गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में राजकुमार वर्म