पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • संत फ्रांसिस अस्पताल अधीक्षक और डाक्टर के खिलाफ प्रसंज्ञान

संत फ्रांसिस अस्पताल अधीक्षक और डाक्टर के खिलाफ प्रसंज्ञान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर. महिला मरीज के इलाज में लापरवाही और इसके चलते हुई मौत के मामले में दायर मुकदमे पर अदालत ने संत फ्रांसिस अस्पताल की अधीक्षक सिस्टर मेल्वा और डॉक्टर वालिस मेण्डोजा के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर 8 अक्टूबर को तलब किया है। अदालत ने दोनों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।

मामले के अनुसार क्लॉक टावर थाना क्षेत्र निवासी लोकेश जैन ने वकील शंकर ढिल्लीवाल के जरिये परिवाद पेश किया था। लोकेश का कहना था कि उसकी माता मंजू जैन को पेट दर्द के कारण 22 फरवरी 2013 को संत फ्रांसिस अस्पताल में भर्ती करवाया था। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर वालिस मेण्डोजा ने बिना किसी जांच के मरीज को देखे बगैर ही फोन पर निर्देश देकर इलाज चालू करवा दिया।

परिवादी का कहना है कि डॉ. वालिस मेण्डोजा शिशु रोग विशेषज्ञ सर्जन हैं। उन्होंने महिला मरीज का बिना किसी पड़ताल के इलाज करवाया, जिससे मरीज मंजू जैन की मृत्यु हो गई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन जांच के बाद मामला बनना नहीं पाते हुए एफआर पेश कर दी। अदालत के समक्ष परिवादी ने विरोध याचिका पेश की और बयान दर्ज कराए।

अदालत ने सुनवाई के बाद डॉ. वालिस मेण्डोजा और अधीक्षक सिस्टर मेल्वा को आईपीसी की धारा 304 के तहत प्रथमदृष्टया दोषी ठहराते हुए प्रसंज्ञान लेकर जमानती वारंट से तलब किया है। प्रकरण में 8 अक्टूबर को सुनवाई होगी।