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\"उसे खोकर समझ आया मुझे वरदान यादों का...\'

7 वर्ष पहले
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शहरमें मंगलवार शाम काव्य प्रेमियों के लिए कविताओं से सजी रही। जवाहर रंगमंच पर डीडी राजस्थान की ओर से आयोजित सांस्कृतिक यात्रा के तहत दूसरे दिन कवि सम्मेलन कविता राजस्थान का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शहर के कवियों ने काव्य रचनाओं का पाठ किया। शुभारंभ दूरदर्शन केंद्र, जयपुर के उप महानिदेशक कृष्णदेव कल्पित एवं कवियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

डाॅ. नवल किशोर भाभड़ा ने जीवन और कविताओं के बीच संबंध का महत्व बताते हुए कवियों को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। कवि अनंत भटनागर ने लड़कियों के जीवन संघर्ष पर आधारित कविता... वह लड़की जो अब मोटर साइकिल चलाती है... से सम्मेलन की शुरुआत की। नवनीत पांडे ने मंदिर सीखी आरती, मस्जिद सीखी अजान... कविता पेश की, मुन्नवर हुसैन मुन्नवर ने... राह से जो भटक जाएगा, अपनी मंजिल वही तो पाएगा.... लता तायल ने गजल ..उसे खोकर समझ आया मुझे वरदान यादों का...की प्रस्तुति दी। डॉ. शकुंतला तंवर, कालिंद नंदिनी शर्मा, राम जेसवाल , पद्मश्री सीपी देवल, गोपाल गर्ग, डॉ. बख्शीश सिंह समेत अन्य कवियों ने भी काव्य रचनाओं का पाठ किया। संचालन डॉ. नवल किशोर भाभड़ा ने किया। लाइव प्रसारण डीडी राजस्थान पर किया गया।

जवाहर रंगमंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में रचनाएं सुनाते कवि।

कवि सम्मेलन में कवियों की रचना का आनंद उठाते श्रोता।