ज्ञानियों काे नहीं सताता मौत का डर
अजमेर. पार्श्वनाथदिगंबर जैसवाल जैन मन्दिर केसरगंज प्रांगण में शनिवार को ऐलाचार्य वसुनंदी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि मृत्यु का स्मरण करने वाला व्यक्ति जिंदगी में जोड़-जोड़कर रखने की नहीं सोचता, वह संचय के साथ विसर्जन की कला भी जानता है। उसकी जिह्वा पर प्रभु का नाम रहता है। जीने और मरने की कला जो जान लेता है, उसकी ही संसार यात्रा विराम को प्राप्त होती है।